मंच के अनुसार बालाघाट से आयातित चावल में कृत्रिम सुगंध मिलाकर उसे प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जा रहा है। …और पढ़ें
HighLights
- आयुक्त खाद्य सुरक्षा भोपाल, कलेक्टर जबलपुर और बालाघाट को पत्र भेजा
- सुगंधित बनाने में उपयोग किए जाने वाले केमिकल की बोतलें मिलीं
- ‘काली मूंछ’ नामक सुगंधित चावल और एसेंस के नमूने भी लिए गए थे
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। कृत्रिम रूप से सुगंधित बनाया गया चावल जबलपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में बेचे जाने का मामला सामने आया है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने इस संबंध में खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन को शिकायत भेजते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
जांच के दौरान इस गोरखधंधे का खुलासा हुआ
मंच का दावा है कि बालाघाट जिले की राइस मिलों में जांच के दौरान इस गोरखधंधे का खुलासा हुआ। मंच के अनुसार बालाघाट से आयातित चावल में कृत्रिम सुगंध मिलाकर उसे प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग
इस संबंध में डा. पीजी नाजपांडे ने आयुक्त खाद्य सुरक्षा भोपाल, कलेक्टर जबलपुर और बालाघाट को पत्र भेजकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है।
बालाघाट में जांच के दौरान मिले केमिकल
अप्रैल माह में कलेक्टर बालाघाट के निर्देश पर जिले की कई राइस मिलों में औचक निरीक्षण किया गया था। जांच टीम को वहां चावल को सुगंधित बनाने में उपयोग किए जाने वाले केमिकल की बोतलें मिलीं।
एडेड फ्लेवर अंकित बोरियों को जब्त किया
टीम ने ‘काली मूंछ’ नामक सुगंधित चावल और एसेंस के नमूने भी लिए थे। साथ ही एडेड फ्लेवर अंकित बोरियों को जब्त किया गया। इन नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।
सीमित मात्रा में ‘परमिसिबल एसेंस’ के उपयोग का उल्लेख
खाद्य सुरक्षा नियम 2011 में खाद्य पदार्थों में सीमित मात्रा में ‘परमिसिबल एसेंस’ के उपयोग का उल्लेख है, लेकिन निर्धारित मात्रा से अधिक या अन्य रसायनों का उपयोग स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
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