टर्मिनल-1 की सालाना यात्री क्षमता 10 लाख होगी, जबकि मौजूदा टर्मिनल-2 की क्षमता 40 लाख है। दोनों टर्मिनलों के साथ इंदौर एयरपोर्ट की कुल क्षमता 50 लाख य …और पढ़ें
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 से उड़ानों के संचालन का रास्ता साफ हो गया। ब्यूरो आफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) ने सुरक्षा अनुमति जारी कर दी है। स्थानीय स्तर पर कुछ अनुमतियां जारी होना बाकी हैं, जो जल्द मिल जाएंगी।
अब संचालन शुरू होने के लिए केवल केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की तैनाती बाकी है। जैसे ही गृह मंत्रालय से मैनपावर रिलीज होगी, टर्मिनल-1 से उड़ानें शुरू कर दी जाएंगी। संभावना है कि आगामी सप्ताह में सभी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
इंदौर एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का लोकार्पण 12 दिन पहले नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने किया था। इसके बाद भी टर्मिनल बीसीएएस की सुरक्षा अनुमति नहीं आने से उड़ानें शुरू नहीं हो सकी थीं। अब बीसीएएस ने सुरक्षा अनुमति जारी कर दी है। साथ ही फायर एनओसी भी लगभग प्राप्त हो चुकी है, जबकि प्रदूषण अनुमति भी जल्द मिलने की संभावना है।
अनुमति जारी कर दी है
दरअसल किसी भी टर्मिनल से उड़ानों की शुरुआत बीसीएएस की अंतिम सुरक्षा मंजूरी पर निर्भर है। जब तक यह अनुमति जारी नहीं होती, तब तक किसी भी प्रकार का फ्लाइट ऑपरेशन शुरू नहीं किया जा सकता। बीसीएएस ने बीते माह ही टर्मिनल-1 का निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली थी और अब अनुमति जारी कर दी है।
अंतिम मंजूरी मिलने के बाद अब संचालन का रास्ता साफ हो गया। एयरपोर्ट पीआरओ रामस्वरूप यादव का कहना है कि बीसीएएस की अनुमति मिल गई है। अन्य प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही टर्मिनल-1 से उड़ानों का संचालन शुरू किया जाएगा।
सुरक्षा मानकों की औपचारिकता जरूरी
किसी भी एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल से उड़ान संचालन शुरू करने से पहले कई तरह की अनुमतियां ली जाती हैं। इसमें स्थानीय स्तर से मिलने वाली अनुमतियों के अलावा बीसीएएस की सुरक्षा अनुमति अहम होती है।
बीसीएएस की टीम द्वारा उड़ान संचालन शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों की कड़ी जांच की जाती है और सभी मापदंड सही पाए जाने के बाद ही एनओसी जारी होती है। इसी एनओसी के नहीं आने के कारण सिविल वर्क पूरा होने और लोकार्पण के बावजूद संचालन शुरू नहीं किया गया।
10 लाख सालाना होगी क्षमता
टर्मिनल-1 की सालाना यात्री क्षमता 10 लाख होगी, जबकि मौजूदा टर्मिनल-2 की क्षमता 40 लाख है। दोनों टर्मिनलों के साथ इंदौर एयरपोर्ट की कुल क्षमता 50 लाख यात्रियों तक पहुंच जाएगी। 50 करोड़ की लागत से पुराने टर्मिनल का नवनिर्माण किया गया है।
टर्मिनल में 400 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था और 150 कारों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित की गई है। यह टर्मिनल लगभग 6000 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और यहां से प्रतिदिन 16 छोटे विमानों का संचालन प्रस्तावित है। टर्मिनल के सामने 100 मीटर तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। केनोपी के नीचे पैदल यात्री आना-जाना कर सकेंगे। पिक एंड ड्राप की सुविधा केनोपी के बाहर रहेगी।
Source link
#इदर #एयरपरट #क #टरमनल1 #स #उडन #सचलन #क #रसत #सफ #बसएएस #न #जर #क #एनओस



Post Comment