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इंदौर के छाेटा गणपति क्षेेत्र में मेट्रो की पाइलिंग के कारण रात में हो रहा शोर, रहवासियों ने रुकवाया काम

इंदौर के छाेटा गणपति क्षेेत्र में मेट्रो की पाइलिंग के कारण रात में हो रहा शोर, रहवासियों ने रुकवाया काम

नईदुनिया प्रतिनधि, इंदौर। छोटा गणपति भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण का कार्य भी अब शुरू हो गया है। मेट्रो प्रबंधन द्वारा निर्धारित एजेंसी ने यहां पर पाइलिंग का कार्य शुरू किया है। सुबह सात से रात तक मशीन द्वारा लगातार पाइलिंग की जा रही है।

रात के समय तो इस मशीन का शोर ज्यादा रहता है। मंगलवार रात 10 बजे रहवासियों ने पाइलिंग मशीन के कारण हो रहे शोर के कारण विरोध जताया और काम भी बंद करवाय। मेट्रो प्रोेजेक्ट के फेज तीन के तहत प्रस्तावित 8.7 किमी भूमिगत हिस्से में सात भूमिगत मेट्रो स्टेशन एयरपोर्ट से रीगल के बीच बनाए जाना हैं।

रीगल, बीएसएफ, रामचंद्र नगर, बड़ा गणपति क्षेत्र में जहां मेट्रो स्टेशन की पाइलिंग का कार्य हुआ उससे रहवासी क्षेत्र दूर था। हालांकि वहां भी निर्माण कार्य के दौरान आवाजे आने का रहवासियों ने विरोध नहीं किया। वही छोटा गणपति क्षेत्र में जहां भूमिगम मेट्रो स्टेशन की पाइलिंग का कार्य हो रहा है, वहां से रहवासी क्षेत्र भी काफी नजदीक है। इस वजह से भी यहां के रहवासी पाइलिंग के दौरान हो रहे शोर का विरोध कर रहे है।

मकानों पर लगा रहे सेंसर

मेट्रो के अन्य सात भूमिगत मेट्रो स्टेशन के मुकाबले छोटा गणपति भूमिगत मेट्रो स्टेशन सबसे छोटा होगा। इसे नेटम तकनीक से तैयार किया जाएगा। यही वजह है कि इस भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण के दौरान 44 मकानों के प्रभावित होने की संभावना है। यही वजह है कि अभी छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन पर फिलहाल एक मशीन से पाइलिंग की जा रही है। इसके आसपास के सात मकानों पर सेंसर भी लगाए गए हैं।

इस सेंसर के माध्यम से पाइलिंग के दौरान मकानों पर पड़ने वाले असर का पूर्व आंकलन किया जाएगा। अभी पाइलिंग मशीन से हो रही खोदाई के कारण जिन मकानों पर सेंसर लगाए गए है। उन पर कंपन की तीव्रता 3.67 दर्ज हुई। जानकारों के मुताबिक कंपन की तीव्रता 10 से 15 के बीच होने पर भवनों के लिए नुकसानदायक होती है। फिलहाहल पाइलिंग वाले क्षेत्र के आसपास के सात मकानों पर सेंसर लगाए गए है।

जमीन के नीचे ब्लास्टिंग भी की जाएगी

नेटम तकनीक में जमीन के ऊपर रिक्त हिस्से से खोदाई करते हुए 15 मीटर गहराई तक जाएंगे। इसके बाद जमीन के नीचे स्टेशन निर्माण के लिए खाेदाई की जाएगी। जमीन के नीचे चट्टाने आने पर ब्लास्टिंग कर खोदाई भी की जाएगी। यही वजह है कि बाद में छोटा गणपति मेट्रो क्षेत्र में निर्माण के दौरान का निर्माण कार्य मेट्रो प्रबंधन द्वारा शुरु कर दिया गया है। यहां गार्डन मौजूद पेड़ों की कटाई के बाद अब पाइलिंग का कार्य शुरु हुआ है।

पाइलिंग के दौरान रात में चल रही खोदाई के कारण शोर से रहवासी परेशान है। वही मेट्रो प्रबंधन द्वारा इस मकानों पर सेंसर लगाने का कार्य भी शुरु कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस भूमिगत मेट्रो स्टेशन का निमार्ण नेटम तकनीक से किया जाना है। इस तकनीक से जमीन के ऊपर खोदाई के बाद जमीन के निचले हिस्से में दो दिशाओं में खोदाई कर स्टेशन का विस्तार किया जाएगा।

रहवासियों ने थाना प्रभारी को लिखा पत्र

छोटा गणपति क्षेत्र के रहवासी विष्णु कुमार भाटी व शेखर गिरी के मुताबिक पाइलिंग के कारण जो आवाज आ रही है वो काफी तेज है। रहवासियों की मांग है कि कार्य की समय सीमा सुबह आठ से रात आठ बजे तक हो क्योंकि यह पूर्ण रुप से रहवासी क्षेत्र है। साथ ही मेट्रो प्रबंधन द्वारा सेंसर लगाए जा रहे है। यदि सेंसर में किसी मकान के क्रेक होने की कोई सूचना आएगी तो क्या उसे तुरंत सुधारा जाएगा। ऐसी कोई लिखित में जानकारी नहीं है। इस संबंध में मेट्रो प्रबंधन के अधिकारियों द्वारा हमें स्पष्ट रुप से नहीं बताया गया है। इस वजह से हमने मल्हारगंज थाना प्रभारी को एक शिकायत की है।

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