इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि नगर निगम ने केवल वर्तमान नहीं, बल्कि भविष्य के इंदौर को ध्यान में रखकर विकास की रूपरेखा तैयार की और उसी दिशा में लगातार काम किया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में शहर के विकास की रफ्तार और तेज होगी।
महापौर ने बताया कि बिजली खर्च में कमी लाने के लिए जलूद में 60 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। इससे नगर निगम को हर महीने करीब 5 करोड़ रुपये की बचत हो रही है। इसके साथ ही नर्मदा परियोजना के चौथे चरण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है, ताकि भविष्य में शहरवासियों को जल संकट का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में नगर निगम ने कई नवाचार किए हैं, जिन्हें देशभर में सराहा गया। अब नगर निगम का फोकस क्लीन सिटी से ग्रीन सिटी की ओर है। इसी दिशा में इंदौर को वेटलैंड सिटी का दर्जा मिला है। इस वर्ष शहर में तीन लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। वहीं दो वर्ष पहले सर्वाधिक पौधारोपण कर इंदौर ने विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था। महापौर ने बताया कि उनके कार्यकाल में 128 कॉलोनियों को वैध किया गया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे इन कॉलोनियों में विकास कार्यों का रास्ता खुला और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार शुरू हुआ।
ये भी पढ़ें: Indore News: मंत्री विजयवर्गीय बोले- उपचुनाव की हार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
40 नई पानी की टंकियां बनेंगी
महापौर ने बताया कि शहर में 40 नई पानी की टंकियों का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में इंदौर में 102 पानी की टंकियां हैं। इसके अलावा दो लाख नए नल कनेक्शन भी दिए जाएंगे। नई टंकियों को नर्मदा परियोजना के चौथे चरण से मिलने वाले पानी से भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बोरवेल सूखने से कई क्षेत्रों में पानी की समस्या सामने आई थी, जिन कॉलोनियों में अब तक नर्मदा जल आपूर्ति नहीं पहुंची है, उन्हें भी इस योजना से जोड़ा जाएगा। साथ ही शहर में सीवरेज व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
500 करोड़ से बन रही हैं 24 मास्टर प्लान सड़कें
महापौर ने बताया कि शहर में 500 करोड़ रुपये की लागत से 24 मास्टर प्लान सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा 22 पुलों का निर्माण भी प्रगति पर है।
भागीरथपुरा घटना से लिया सबक
महापौर ने कहा कि भागीरथपुरा की घटना नगर निगम के लिए एक बड़ी चुनौती थी। उस घटना से सीख लेते हुए पानी की आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का उद्देश्य केवल जनसेवा था और उन्होंने हमेशा अपनी कार्यशैली और सिद्धांतों के अनुरूप काम किया है।
Source link
#इदर #क #वकस #क #रफतर #हग #तज #महपर #न #पश #कय #चर #सल #क #लखजख #नरमद #चरण4 #और #सडक #पर #कम #जर



Post Comment