लंबे समय से बंद पड़ा कुमेडी स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल आगामी माह में शुरू हो जाएगा। पुणे की कंपनी को संचालन का जिम्मा सौंपने के बाद अब यहां से बसों …और पढ़ें
HighLights
- महानगर की तर्ज पर वातानुकूलित कुमेडी आईएसबीटी तैयार
- मेट्रो, रेलवे और एमआर-4 रोड से जुड़ेगा कुमेडी टर्मिनल
- सिंहस्थ 2028 का महा-ट्रांजिट हब बनेगा कुमेडी बस टर्मिनल
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। लंबे समय से बंद पड़ा कुमेडी स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आइएसबीटी) आगामी माह में शुरू हो जाएगा। पुणे की कंपनी को संचालन का जिम्मा सौंपने के बाद अब यहां से बसों के संचालन की तैयारी शुरू हो चुकी है। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) बोर्ड ने इस संबंध में निर्णय लेते हुए लंबे समय से चली आ रही अड़चन को खत्म कर दिया है। तकनीकी कारणों और पूर्व की निविदाओं में असफलता के चलते करीब 18 महीने से यह टर्मिनल शुरू नहीं हो पा रहा था।
रोजाना 1,440 बसों के संचालन की क्षमता
बसों का संचालन शुरू होने से सिंहस्थ 2028 में यह आइएसबीटी बहुत उपयोगी होगा और श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण ट्रांजिट हब साबित होगा। कुमेडी आइएसबीटी से उत्तर भारत के रूटों की बस सेवाओं का संचालन शुरू हो सकता है। अंतरराज्य बस सेवाओं के लिए बने इस आइएसबीटी के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी पुणे की बीबीजी कंपनी को सौंपी गई है। आईडीए द्वारा निर्मित यह वातानुकूलित आइएसबीटी अत्याधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में तैयार किया गया है। यहां प्रतिदिन करीब 1,440 बसों के संचालन की क्षमता होगी, जबकि सालाना लगभग 80 हजार यात्रियों के आवागमन का अनुमान है।
यात्रियों के लिए 32 बोर्डिंग बे और 14 एसी टिकट काउंटर तैयार
यात्रियों की सुविधा के लिए परिसर में 32 अलग-अलग बोर्डिंग और डिबोर्डिंग बे, 14 एयर कंडीशंड टिकट काउंटर तथा दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए बड़े पार्किंग क्षेत्र विकसित किए गए हैं। आइडीए सीइओ परीक्षित झांडे ने बताया कि अगले एक महीने में व्यावसायिक संचालन शुरू करने की कवायद की जा रही है। इस आइएसबीटी के शुरू होने से शहर के मध्य क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा।
सिंहस्थ 2028 में होगा बेहद उपयोगी
सिंहस्थ में होगा उपयोगी कुमेडी आइएसबीटी से उत्तर और पश्चिम के राज्यों के लिए लंबी दूरी के रूटों की बस सेवाओं का संचालन किया जा सकता है। हालांकि अभी तक इसको लेकर किसी तरह का फाइनल निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन पूर्व में इसके संचालन को लेकर बैठक हुई थी। इसमें इन रूटों की बसों के संचालन की योजना बनी थी। यहां से उज्जैन, रतलाम, भोपाल, दिल्ली और राजस्थान के विभिन्न शहरों के लिए बसों का संचालन हो सकता है। वहीं उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ के दौरान यह टर्मिनल प्रमुख यात्री केंद्र बन सकता है।
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एमआर-4 रोड और मेट्रो से सुधरेगी रेलवे स्टेशनों की कनेक्टिविटी
कनेक्टिविटी होगी बेहतर कुमेडी आइएसबीटी और शहर के दोनों प्रमुख रेलवे स्टेशन के बीच सीधी कनेक्टिविटी सुविधा उपलब्ध होगी। एमआर-4 और आरडब्ल्यू-2 सड़क का निर्माण तेज गति से किया जा रहा है। इसके बाद सरवटे बस स्टैंड, इंदौर रेलवे स्टेशन और लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से कुमेडी आइएसबीटी की सीधी कनेक्टिविटी जुड़ जाएगी। आइएसबीटी से मेट्रो की कनेक्टिविटी भी रहेगी और यात्री स्टेशन से सीधे आइएसबीटी के टर्मिनल तक पहुंच सकेंगे।
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