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इंदौर-खंडवा राजमार्ग की बड़ी बाधा दूर, 22 टावर और हाइटेंशन लाइन होगी शिफ्ट, कटेंगे 1000 पेड़

इंदौर-खंडवा राजमार्ग की बड़ी बाधा दूर, 22 टावर और हाइटेंशन लाइन होगी शिफ्ट, कटेंगे 1000 पेड़

इंदौर-खंडवा राजमार्ग के बीच से गुजर रही हाईटेंशन लाइन और टावर को हटाने का रास्ता साफ हो गया है। बाधक पेड़ों को कटाने की भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्रा …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 31 May 2026 08:05:19 PM (IST)Updated Date: Sun, 31 May 2026 08:05:19 PM (IST)

राजमार्ग पर हाइटेंशन लाइन और टावर को शिफ्टिंग करने की तैयारी।

HighLights

  1. राजमार्ग का 70% काम पूरा होने के बाद याद आई टावर शिफ्टिंग
  2. 14 हेक्टेयर वनभूमि के लिए NHAI को जमा करने होंगे ₹1 करोड़
  3. इंदौर-बड़वाह वनमंडल के 9 हजार से अधिक पेड़ पहले ही साफ

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर-खंडवा राजमार्ग के बीच से गुजर रही हाईटेंशन लाइन और टावर को हटाने का रास्ता साफ हो गया है। बाधक पेड़ों को कटाने की भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) को वन व पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति मिल गई है।

लाइन व टावर को नए स्थान पर लगाने के लिए निर्माण एजेंसी को एक हजार पेड़ काटने पड़ेंगे। जबकि वनभूमि के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा, क्योंकि कागजी प्रक्रिया होने में पंद्रह से पच्चीस दिनों का समय लगेगा। इस बीच एनएचएआइ को वनभूमि के बदले राशि जमा करना है।

परियोजना की स्थिति और टावर शिफ्टिंग में देरी

900 करोड़ की लागत से बनने वाले 216 किमी इस राजमार्ग को दिसंबर 2024 को पूरा होना था, मगर अभी तलाई-भेरुघाट और चोरल के बीच 1300 मीटर लंबी तीन सुरंग बन रही हैं। इनका काम अभी खत्म नहीं हुआ है। राजमार्ग का 70 फीसद काम पूरा होने के बाद एनएचएआइ को मार्ग से लाइन और टावर हटाने का ख्याल आया है।

22 टावर और लाइन हटाने के लिए 17 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है, जिसमें 14 हेक्टेयर वनभूमि और तीन हेक्टेयर राजस्व भूमि है। इसके लिए आठ महीने पहले प्रस्ताव बनाकर भेजा। अधिकारियों के मुताबिक टावर और लाइन शिफ्टिंग करने का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा।

पेड़ कटाई का खर्च देना बाकी

हाईटेंशन लाइन और टावर के लिए जमीन की जरूरत है। इसके लिए एनएचएआइ को जंगल की जमीन और पौधे लगाने को लेकर राशि जमा करना है। वन विभाग ने कुछ दिन पहले इसका आकलन कर रिपोर्ट दी। यह राशि करीब एक करोड़ से अधिक है। इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेश्वर राव का कहना है कि वनक्षेत्र में लगे पेड़ों को चिन्हित करने का काम वन विभाग कर रहा है। अगले कुछ दिनों में पेड़ों की कटाई होगी। उसके बाद शिफ्टिंग काम चलेगा।

एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव ने बताया कि वनभूमि पर लगे पेड़ों को काटने और डिपो तक लकड़ियों को भेजने पर होने वाले खर्च की राशि जमा करना बाकी है। यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी। उसके बाद प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी।

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9 हजार पेंड कटे

अक्टूबर 2023 से इंदौर-खंडवा राजमार्ग का काम शुरू हुआ है। 216 किमी लंबे इस राजमार्ग में इंदौर-बड़वाह वनमंडल की 82 हेक्टेयर वनक्षेत्र से सड़क निकली है। इसके लिए 9 हजार 640 पेड़ काटे गए हैं। बदले में वन विभाग को झाबुआ में जमीन मिली है। यहां तक कि पौधारोपण भी धार-झाबुआ और अलीराजपुर के जंगलों में किया गया है।

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