×
इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए मिट्टी परीक्षण की खोदाई के दौरान फूटी पाइप लाइन, व्यर्थ बहा पानी

इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए मिट्टी परीक्षण की खोदाई के दौरान फूटी पाइप लाइन, व्यर्थ बहा पानी

निर्माण एजेंसियों की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। शुक्रवार रात एबी रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए मिट्टी परीक्षण के लिए खुदाई की जा रही थी। इस द …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 21 Jun 2026 09:30:56 AM (IST)Updated Date: Sun, 21 Jun 2026 09:39:55 AM (IST)

पिछले दिनों महू में फूटी थी पाइप लाइन। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मिट्टी परीक्षण के लिए खोदी सड़क, 600 एमएम की लाइन फूटी, लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह गया
  2. एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए हो रही थी खोदाई, एक माह में चौथी बार फूटी लाइन
  3. निगम की टीम ने पहले वॉल्व बंद कर पानी की बर्बादी रोकी और इसके बाद लाइन की मरम्मत का काम शुरू किया

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भीषण गर्मी के बीच निर्माण एजेंसियों की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। शुक्रवार रात एबी रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए मिट्टी परीक्षण के लिए खुदाई की जा रही थी। इस दौरान ठेकेदार की मशीन से पलासिया में निगम की 600 एमएम की मेन पानी की लाइन फूट गई। इसमें लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह गया।

पलासिया क्षेत्र की डायरेक्ट सप्लाई बंद हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद शनिवार सुबह निगम की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पहले वॉल्व बंद कर पानी की बर्बादी रोकी और इसके बाद लाइन की मरम्मत का काम शुरू किया। लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण टंकी भरने की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई, जिससे संबंधित क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ा।

एजेंसियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी

नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार बीते एक महीने में यूटिलिटी लाइन फूटने की यह चौथी घटना है। इससे पहले भी मोबाइल कंपनी, गैस एजेंसी और मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन से जुड़े कामों के दौरान भी निगम की लाइनें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब सिर्फ जुर्माना लगाने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि लापरवाही करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी भी की जा रही है।

लगाया था जुर्माना

कुछ दिन पहले ही ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के दौरान नर्मदा जलप्रदाय लाइन क्षतिग्रस्त करने के मामले में नगर निगम ने भारतीय एयरटेल लि. पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था और जल बर्बादी व आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए राशि जमा कराने के निर्देश दिए थे। जांच में सामने आया था कि कंपनी ने निर्धारित शर्तों का पालन किए बिना और जोनल अधिकारी को सूचना दिए बिना खुदाई का काम किया था। इसी दौरान नर्मदा जलप्रदाय पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी।

खोदाई से पहल अनुमति लेना जरूरी

शहर में बड़े निर्माण प्रोजेक्टों के लिए हो रही सड़क की खुदाई अब लोगों की परेशानी बढ़ाने लगी है। निगम अधिकारियों के अनुसार शहर की सीमा में किसी भी एजेंसी को खुदाई का काम करने से पहले नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके लिए कॉल बिफोर यू डीग एप की व्यवस्था भी की गई है, ताकि खुदाई से पहले जमीन के नीचे मौजूद बिजली, पानी, गैस और अन्य यूटिलिटी लाइनों की जानकारी मिल सके। इसके बावजूद निर्माण एजेंसियों के ठेकेदार खुदाई के दौरान सावधानी नहीं बरत रहे हैं। इसका नुकसान सीधे शहर की जरूरी सेवाओं पर पड़ रहा है।

जुर्माने के साथ सख्त कार्रवाई करेंगे

सूचना मिली थी कि मिट्टी परीक्षण की खुदाई के दौरान लाइन फूटी है। उससे क्षेत्र में डायरेक्ट सप्लाई भी किया जाता है। इससे लोगों को भी परेशानी हुई। जुर्माने के साथ ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई करेंगे। -आशीष पाठक, अपर आयुक्त जलकार्य

Source link
#इदर #म #एलवटड #करडर #क #लए #मटट #परकषण #क #खदई #क #दरन #फट #पइप #लइन #वयरथ #बह #पन

Post Comment