नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के पाश और सुरक्षित माने जाने वाले तुलसीनगर क्षेत्र में एक मकान के भीतर चल रही नकली शराब फैक्ट्री का आबकारी विभाग ने भंडाफोड़ किया है। तीन मंजिला मकान के भीतर अवैध शराब बनाने, पैकिंग करने और उसे बाजार में खपाने का पूरा सेटअप मिला।
144 बल्क लीटर देशी मदिरा, भारी मात्रा में स्प्रिट, कैरेमल, पैकेजिंग सामग्री, हजारों की संख्या में डुप्लीकेट लेबल और होलोग्राम, विभिन्न ब्रांडों के बाटल कैप, कागजी कार्टून, दो बड़ी ब्लेंडर मशीनें और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार कर प्रकरण दर्ज किया गया है।
आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि तुलसीनगर के एक मकान में शराब निर्माण का अवैध काम चल रहा है। टीम ने बुधवार-गुरुवार दरमियानी रात दबिश देकर पूरे रैकेट को उजागर किया। कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी का कहना है कि जब्त सामग्री ने जांच को और गंभीर बना दिया है।
टीम को मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में बिकने वाली शराब के लेबल के साथ राजस्थान में प्रचलित विभिन्न ब्रांडों के लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री भी मिली है। बड़ी मात्रा में सामग्री मिलने से विभाग अंतरराज्यीय स्तर पर तस्करी और सप्लाई नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और वितरण तंत्र की कड़ियां जोड़ने में जुट गया है।
खास बातें
- तुलसीनगर के तीन मंजिला मकान में चल रही थी अवैध शराब फैक्ट्री
- तीन दिन सिविल ड्रेस में रेकी के बाद आबकारी ने मारा छापा
- देशी शराब की 16 पेटियां भी मौके से की गई जब्त
- हजारों फर्जी लेबल, होलोग्राम, बाॅटल कैप और पैकेजिंग सामग्री बरामद
- स्प्रिट, कैरेमल और दो बड़ी ब्लेंडर मशीनों से कर रहे थे शराब निर्माण
- एमपी के साथ राजस्थान ब्रांड के लेबल मिलने से अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुडे तार
शराब दुकान से मिला आइडिया
अधिकारियों को पुछताछ में आरोपित विनोद पलैया ने बताया कि वह पहले शराब दुकान पर काम करता था।यही से अवैध शराब बनाने का आइडियां आया। आरोपित ने स्वयं के रहवासी मकान में ही सामग्री जुटाकर अवैध शराब बनाने का कार्य शुरू किया। वहीं प्रदेश के विभिन्न बांड मसाला प्लेन, गोवा विस्की, एसोसिएशन मशाला प्लेन, बाम्बे विस्की के लेवल तैयार कराए। राजस्थान में चलने वाली केसर कस्तुरी के लेवल भी मिले हैं।
शराब की तकनीकी जांच होगी
डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल का कहना है कि जब्त शराब और सामग्री की वैज्ञानिक तथा तकनीकी जांच भी शुरू की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि तैयार की जा रही शराब नकली, मिलावटी या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तो नहीं थी। अंग्रेजी शराब की पैकेजिंग सामग्री मिलने पर जांच का दायरा बढ़ जाएगा।
तीन दिन रेकी के बाद दबिश
अवैध फैक्ट्री की सूचना मिलने के बाद आबकारी विभाग ने जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं की गई। पहले तीन दिन तक सिविल ड्रेस में मकान और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी गई। जब शराब निर्माण और पैकिंग की गतिविधियों की पुष्टि हो गई, तब बुधवार रात योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा गया।
जिले में अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत एक भवन में अवैध शराब फैक्ट्र्री को पकड़ा है। मकान को सील कर कर दिया गया है। अन्य राज्यों के लेवल मिलने से इसके नेटवर्क की जांच भी की जा रही है।
– शिवम वर्मा, कलेक्टर
घर में चल रही शराब की अवैध फैक्ट्री पर दबिश देकर संदिग्ध सामग्री जब्त की है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों के बिकने वाली शराब के लेवल और राज्यों में बिकने वाली विभिन्न ब्रांडों की शराब के लेबल मिले है।जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
– अभिषेक तिवारी, सहायक आबकारी आयुक्त इंदौर
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