इमारत की पार्किंग में लाइन में ई-रिक्शा खड़े हुए थे और कुछ को चार्जिंग पर लगा रखा था। स्पार्किंग से आग की शुरुआत हुई और शोरूम में रखी करीब 35 गाड़ियां …और पढ़ें
HighLights
- स्कीम-136 अग्निकांड: घटना के दो घंटे पूर्व ही दुबई से आया था परिवार
- धुआं देखते ही फ्लैट खाली कर बच्चों को लेकर भागे
- मदद के लिए बिल्डिंग मालिक को कॉल लगाते रहे रहवासी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। स्कीम-136 के परमेश्वरी विला में हुए अग्निकांड में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इमारत की पार्किंग में लाइन में ई-रिक्शा खड़े हुए थे और कुछेक को चार्जिंग पर लगा रखा था। स्पार्किंग से आग की शुरुआत हुई और शोरूम में रखी करीब 35 गाड़ियां जल गईं। जहरीला धुआं पूरी इमारत में भर गया और लोग अंदर ही घिरे रह गए।
हर्ष अग्रवाल ने बिल्डिंग को अजय नागवाल को लीज पर दे रखी है। चार मंजिला इस इमारत में कुल नौ फ्लैट हैं। कुछ फ्लैट तो किराये पर दे रखे हैं और कुछेक को एयर बीएनबी के माध्यम से किराये पर देता है। तल मंजिल पर हर्ष स्वयं ही ई-रिक्शा और ई-स्कूटर का शोरूम पार्किंग एरिया में उन्होंने ई-रिक्शा खड़े कर चार्जिंग पर लगा दिए थे।
संभवत: रातभर चार्ज होने से स्पार्किंग हुआ और शोरूम के अंदर भी बिजली तार सुलग गए। ई-वाहनों की सीट और छतों ने आग पकड़ ली और पूरा शोरूम जलने लगा। सूचना मिलने पर पार्षद सीमा संजय चौधरी मौके पर पहुंची और रहवासियों की मदद से रेस्क्यू आपरेशन चलाया गया।
अंकित चौधरी (रहवासी) ने हर्ष को कॉल लगाया लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। जब तक भीड़ जमा हो गई और लोग घरों से पानी के पाइप जोड़कर आग बुझाने में जुट गए। किसी ने पत्थर मारकर खिड़कियां फोड़ी और किसी ने सीढ़ी व रस्सी की व्यवस्था की। चौथी मंजिल पर पेंट हाउस भी बना है। इस कारण लोग छत पर भी नहीं जा पाए और गलियारे में ही फँस गए।
एप से बुकिंग कर रुका था परिवार, सबसे पहले उन्होंने देखी आग
मल्टी में फिलहाल तीन फ्लैट किराये पर दिए गए थे। उसमें भानूसिंह और चेतन सहित अन्य लोग रहते हैं। नागपुर के उत्कर्ष बत्रा भी प्रथम मंजिल पर सात लोगों के साथ रुके हुए थे। उत्कर्ष ने एयर बीएनपी एप से फ्लैट बुक किया था। उन्होंने नईदुनिया को बताया कि रात करीब डेढ़ बजे ही अनुविका, सावित्री बत्रा, सुषमा फाये और उमेश फाये के साथ फ्लैट (101) में रुके थे।
ड्राइवर मोहम्मद इब्राहिम वाशरुम गया तो उसको तार के जलने की बदबू आने लगी। उसने कॉल कर सूचना दी और हम सब उठ गए। जब तक एसी से बदबू आने लगी थी। उसके तार पिघल चुके थे। इंडक्शन भी जल रहा था। सभी सीढ़ियों की ओर भागे पर धुआं जम चुका था। मुंह पर गीला कपड़ा बांधा और मोबाइल के टार्च जलाकर जैसे-तैसे नीचे आ गए पर सामान छूट गया। बताते हैं कुछ लोग दुबई से भी आकर फ्लैट में रुके थे। अनुविका ने ही सबसे पहले फायर ब्रिगेड के कंट्रोल रूम पर कॉल लगाया था।
धुएं से काली पड़ गई चार मंजिला इमारत
घटना के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। पूरी इमारत की खिड़कियों के कांच फूटे हुए थे। शोरूम में रखे स्कूटर और ई-रिक्शा जले हुए हैं। हर्ष अग्रवाल ने आग तो ग्रीन नेट लगा दिया लेकिन पूरी इमारत को ढंक नहीं पाए। धुएं के कारण इमारत काली पड़ चुकी है। फ्लैट में रहने वाले ज्यादार लोग खाली कर जा चुके हैं। बिजली और पानी की कमी के कारण भी कोई नहीं रुकना चाहता था।
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