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इंदौर में सड़क चौड़ीकरण में बाधक निर्माणों पर जारी रहेगा स्टे, अब ग्रीष्मावकाश के बाद होगी सुनवाई

इंदौर में सड़क चौड़ीकरण में बाधक निर्माणों पर जारी रहेगा स्टे, अब ग्रीष्मावकाश के बाद होगी सुनवाई

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। छावनी, जिंसी, समरपार्क, पंढऱीनाथ सहित अन्य सडक़ों के चौड़ीकरण में नगर निगम द्वारा तोड़े जा रहे मकानों को हाई कोर्ट से राहत मिल गई है।

ग्रीष्मावकाशकालीन एकलपीठ ने निगम की कार्रवाई के विरुद्ध प्रस्तुत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पूर्व में दिया स्टे जारी रखा है। मामले में अब ग्रीष्मावकाश के बाद सुनवाई होगी।

नगर निगम ने छावनी, जिंसी सहित कई सडक़ों के चौड़ीकरण का काम शुरू किया है। कई जगह पर कार्रवाई चल भी रही है। एडवोकेट जयेश गुरनानी ने बताया छावनी क्षेत्र के तीन पंढऱीनाथ क्षेत्र के दो, समर पार्क और जिंसी सडक़ में बाधक एक-एक मकान स्वामियों द्वारा हाई कोर्ट में याचिका प्रस्तुत की है।

कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ताओं के मकान के खिलाफ निगम की कार्रवाई पर पूर्व में दिए स्टे को जारी रखते हुए सुनवाई आगे बढ़ा दी। ऐसी स्थिति में नगर निगम फिलहाल इन मकानों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर सकेगा।

रेती मंडी फ्लाइओवर की डिजाइन को लेकर मुख्यालय भेजी रिपोर्ट, अतिरिक्त पिलर का काम शुरू

इंदौर : लक्ष्मीबाई नगर ब्रिज के बाद अब लोक निर्माण विभाग की एक और बड़ी चूक सामने आई है। इस बार रेंती मंडी फ्लाइओवर की डिजाइन में गड़बड़ी देखी गई। जहां फ्लाइओवर का एक हिस्सा महज एक पिलर पर खड़ा है। लापरवाही उजागर होने के बाद विभाग में हंडकंप मचा हुआ है। मुख्यालय में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों ने इस गड़बड़ी को लेकर जमकर नाराजगी जताई है।

यही नहीं इंदौर पीडब्ल्यूडी ब्रिज सेल कार्यालय ने अपनी रिपोर्ट भेज दी। उधर फ्लाइओवर के लिए अतिरिक्त पिलर बनाने पर जोर दिया है। बीस करोड़ रुपये की लागत से रेती मंडी फ्लाइओवर का निर्माण अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ था। दो साल में प्रोजेक्ट निर्माण एजेंसी को पूरा करना था, लेकिन लेटलतीफी में छह महीने का अधिक समय लगा। बावजूद इसके फ्लाइओवर के निर्माण पर सवाल खड़े हो गए है। रेलवे ट्रैक के ऊपर का स्पान बनकर तैयार हो गया है। रेलवे ने तय समय में अपना काम खत्म किया है।

यहां तक कि एबी रोड वाले हिस्से का काम बाकी है। मगर पूरे फ्लाइओवर को रेलवे ट्रैक के पास महज एक पिलर ठिका रखा है। गड़बड़ी सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी इसे सुधारने में लगा है।फ्लायओवर के नीचे अतिरिक्त पीलर बनाने के लिए खुदाई चल रही है। डिजाइन का किया आडिटमौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) से पीडब्ल्यूडी ने फ्लायओवर के स्ट्रक्चरल आडिट कराया गया। उस दौरान डिजाइन में गड़बड़ी पकड़ी जा सकी।

विशेषज्ञों ने पाया कि जंक्शन की चौड़ाई के हिसाब से सिर्फ एक पिलर था। जबकि फ्लाइओवर का भार संतुलन के लिए तीन पीलर जरूरी हैं। इसका पता लगते है कि अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। तत्काल दो अतिरिक्त पीलर को लेकर काम शुरू किया। लगेंगे छह महीने फ्लायओवर के लिए दो अतिरिक्त पीलर बनाए जाना है। काम भी शुरू कर दिया है, लेकिन पंद्रह से बीस दिन बाद मानसून सीजन आएगा।

ऐसे में निर्माण को दो से तीन महीने रोकना पड़ सकता है। इसके चलते पीलर को खड़ा करने में एजेंसी को पांच से छह महीने लग सकते है। प्रोजेक्ट में अतिरिक्त समय लग रहा है तो अगले साल ही फ्लाइओवर से यातायात शुरू हो सकेगा। रेलवे स्पान-राजेंद्र नगर हिस्सा जुड़ेंगाफ्लाइओवर के रेलवे स्पान से जुड़ने वाले राजेंद्र नगर हिस्से का काम शुरू होने में थोड़ा समय लगेंगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी को महीनेभर का समय लग सकता है। ब्रिज सेल के अधिकारियों के मुताबिक शुरुआत में जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग तैयार की गई। उसके आधार पर एजेंसी ने काम किया है। ऑडिट के बाद फ्लाइओवर के अतिरिक्त पिलर बनाए जा रहे है।

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