ट्रांजेक्शन किए बिना बैंक से रुपये कटने के मैसेज आने पर संदेह हुआ। आनलाइन ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस अज्ञात आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। …और पढ़ें
HighLights
- साइबर ठगों ने तीन बैंक खातों से निकाली रकम
- कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया मामला
- आनलाइन ट्रांजेक्शन के आधार पर जांच जारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर के एक व्यापारी के मोबाइल पर बच्चे गेम खेल रहे थे। इसी दौरान कोई संदिग्ध लिंक आई। बच्चों ने उस पर क्लिक कर दिया और फोन से लिंक तीन बैंक खातों से साइबर ठगों ने चार लाख 31 हजार 288 रुपये पार कर लिए। कोतवाली थाना में एफआइआर दर्ज की गई है।
अलग-अलग खातों से रुपये अनजान खातों में ट्रांसफर हो गए
शीतलामाई रोड घमापुर निवासी सौरभ शर्मा की लोहे की दुकान है। उनके बड़े भाई शिरीष शर्मा का मोबाइल 24 मई को घर पर रखा था। उस दौरान बच्चे मोबाइल पर गेम खेल रहे थे। इसके बाद तीन दिन तक उनके अलग-अलग बैंक खातों से रुपये अनजान खातों में ट्रांसफर हो गए।
मोबाइल से जुड़े तीन बैंक खाते साइबर ठगों की पहुंच में आ गए
आशंका है कि बच्चों के द्वारा संदिग्ध आनलाइन लिंक पर क्लिक किए जाने से मोबाइल से जुड़े तीन बैंक खाते साइबर ठगों की पहुंच में आ गए। उसके बाद आरोपितों ने संबंधित बैंक खातों में सेंध लगाई।
मोबाइल फोन से लिंक मंजूलता शर्मा के एसबीआई खाते से 90 हजार रुपये, उनके प्रतिष्ठान शिव गैराज इंटरप्राइजेज के बैंक आफ बड़ौदा खाते से दो लाख 95 हजार 288 रुपये तऔर शिरीष शर्मा के एसबीआई खाते से 46 हजार रुपये निकाल लिए गए। उनके ट्रांजेक्शन किए बिना बैंक से रुपये कटने के मैसेज आने पर संदेह हुआ। तब कुल 4.31 लाख रुपये की ठगी हो चुकी थी।
जीसीएफ कर्मी के खाते से 1.35 लाख रुपये पार
वहीं हनुमानताल थाना क्षेत्र निवासी जीसीएफ (गन कैरिज फैक्ट्री) के एक कर्मचारी के साथ साइबर ठगी हुई। आरोपित ने धोखाधड़ी करते हुए उनके बैंक खातों से 1.35 लाख रुपये पार कर लिए। पुलिस ने सोमवार को अज्ञात आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोबाइल अचानक आटोमेटिक अपडेट होने लगा
मरघटाई रोड निवासी लक्ष्मीकांत कोल जीसीएफ में मशीनिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 19 मई को सुबह करीब 10 बजे उनका मोबाइल अचानक आटोमेटिक अपडेट होने लगा और बंद नहीं हो रहा था। उन्हें स्वास्थ्य जांच के लिए मदन महल स्थित एक निजी अस्पताल जाना पड़ा।
दोनों खाते मोबाइल से लिंक थे
रात करीब 10 बजे घर लौटकर जब उन्होंने मोबाइल देखा तो उसमें मौजूद सभी एप गायब थे। इसके बाद उन्होंने दोबारा यूपीआइ एप डाउनलोड कर बैंक खाते की जांच की। जांच में पता चला कि बैंक आफ इंडिया सिविल लाइंस खाते से 85 हजार रुपये एवं एसबीआई की विजय नगर शाखा के खाते से 50 हजार रुपये यूपीआइ के माध्यम से निकाल लिए गए हैं। दोनों खाते मोबाइल से लिंक थे। उन्होंने ने आशंका जताई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल हैक कर यह धोखाधड़ी की है।
यह भी पढ़ें- एमपी में 21 साल बाद फिर दौड़ेंगी सरकारी बसें, इंदौर से होगी शुरुआत, प्राइवेट बसों की मनमानी होगी खत्म
#जबलपर #म #बचच #मबइल #पर #खल #रह #थ #गम #लक #पर #कलक #कय #और #कट #गए #सव #चर #लख #रपय



Post Comment