नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर नगर निगम परिषद सम्मेलन में राष्ट्रगीत के मुद्दे पर अब प्रदेश की राजनीति गर्माने लगी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से इस्तीफा मांगा, तो जीतू पटवारी ने पलटवार करते हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांग लिया है।
एक विभाग का नाम बता दें जहां भ्रष्टाचार नहीं
पटवारी ने इंदौर में कह दिया कि मुख्यमंत्री कोई एक विभाग का नाम बता दें जहां भ्रष्टाचार नहीं है। साथ ही महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर आरोप लगाया कि लगातार तीसरा निगम का सम्मेलन है जिसे सांप्रदायिक रंग दिया गया, ताकि जहरीले पानी से नागरिकों की मौत और सीवरेज में कर्मचारियों की मौतों पर चर्चा न हो सके।
असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा यह कर रही है। इसी दौरान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भार्गव को एक्सीडेंटल महापौर करार दे दिया।
एक लाख रुपये का इनाम दूंगा
पटवारी पूर्व मंत्री वर्मा के साथ शनिवार दोपहर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं एक लाख रुपये का इनाम दूंगा यदि मुख्यमंत्री एक भी ऐसे विभाग का नाम बता दें जहां भ्रष्टाचार नहीं है। पटवारी यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि वल्लभ भवन की पांचवीं मंजिल पर दलाल बैठ रहे हैं। चुनौती देता हूं कि मुख्यमंत्री कहें कि यह झूठ है। मैं सबके सामने इसे साबित करने को तैयार हूं।
दूषित पानी से मौतों पर चर्चा
पटवारी ने कहा कि इंदौर में भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों पर चर्चा होनी थी और महापौर भार्गव व निगम के जिम्मेदारों को जवाब देना था। सफाईकर्मियों की चेंबर में मौत पर जवाब देना था। शहर की बदहाल स्थिति और मनमाने तरीके से बढ़ाए गए टैक्स पर हम जवाब मांग रहे थे।
इस सब मुद्दों से बचने के लिए महापौर ने बैठक को सांप्रदायिक रंग दे दिया। यह लगातार तीसरा मौका है जब ऐसे ही रंग देकर महापौर परिषद चर्चा से भाग गई। बीती बैठक में नमाज का मुद्दा उठाकर चर्चा नहीं होने दी गई। उससे पहले औरंगजेब के मुद्दे का शोर मचाकर चर्चा समाप्त कर दी गई।
देशभक्ति का प्रमाणपत्र लेने की जरूरत
उन्होंने कहा कि बंकिमचंद्र चटोपाध्याय कांग्रेस के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। गद्दारों से हमें देशभक्ति का प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है। भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधते हुए पटवारी ने कहा कि वर्षों तक अपने दफ्तर पर इन्होंने तिरंगा नहीं फहराया। हमारे तो डीएनए में वंदे मातरम है, जबकि ये लोग अंग्रेजों से वजीफा लेने वाले हैं।
अनुशासन समिति लेगी निर्णय
पार्षद रुबीना इकबाल खान की टिप्पणी के मुद्दे पर पटवारी ने कहा कि उनका बयान अशोभनीय है। पूरा मामला संज्ञान में आया है और शिकायत भी मिली है। इस मामले पर पार्टी की अनुशासन समिति जांच भी करेगी और आवश्यक कार्रवाई भी करेगी।
पार्षद की शिकायत पर पुलिस की जांच
वंदे मातरम विवाद के मामले में एमजी रोड थाने में कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल व फौजिया शेख के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के लिए भाजपा पार्षद कमल वाघेला ने आवेदन किया था। इस पर एमजी रोड थाना पुलिस ने सभापति मुन्नालाल यादव, पार्षद कमल वाघेला व सुरेश कुरवाड़े के बयान लिए और निगम परिषद हाल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पेनड्राइव में ली है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।
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