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टीचर सुसाइड केस: सुसराल पक्ष पर ब्लैकमेलिंग का आरोप:  भाई बोला- समझौते के लिए ₹5 करोड़ मांगे, झूठा केस किया; परिवार को भी धमकाते थे – Khandwa News

टीचर सुसाइड केस: सुसराल पक्ष पर ब्लैकमेलिंग का आरोप: भाई बोला- समझौते के लिए ₹5 करोड़ मांगे, झूठा केस किया; परिवार को भी धमकाते थे – Khandwa News


शहर के आनंद नगर में रहने वाले कोचिंग टीचर गजेंद्र देशवाल (34) के सुसाइड केस में नया मोड़ आया है। मृतक के चचेरे भाई राहुल ने सोमवार को गजेंद्र के ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने, ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगाए। राहुल ने कहा- गजेंद्र पिछले पांच साल से वैवाहिक विवाद, कानूनी मामलों के कारण परेशान था। पत्नी और सास-ससुर की ओर से केस में समझौता करने के लिए 5 करोड़ रुपए की मांग की जा रही थी। दरअसल, रविवार को गजेंद्र का शव घर की तीसरी मंजिल पर स्थित कमरे में पंखे से लटका मिला था। परिजन और पुलिस की मदद से उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया।जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शादी के 6 महीने बाद ही शुरू हो गया था विवाद मृतक के चचेरे भाई राहुल के मुताबिक, गजेंद्र की शादी अप्रैल 2021 में निकिता धामा से हुई थी। शादी के 6 महीने बाद ही निकिता मायके चली गई थी। इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। पत्नी, साले और सास-ससुर की ओर से गजेंद्र को परेशान किया जाने लगा। राहुल का कहना है कि, गजेंद्र के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से जुड़े मामले दर्ज कराए गए थे, जिन्हें वह झूठा बताता था। इन मामलों के चलते उसे लगातार कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा था। परिवार के मुताबिक, लंबे समय से चल रहे इस विवाद ने गजेंद्र की जिंदगी को प्रभावित कर दिया था। समझौते के लिए 5 करोड़ मांगे राहुल ने आरोप लगाया कि विवाद से जुड़े मामलों में समझौता करने के लिए गजेंद्र पर दबाव बनाया जा रहा था। ससुराल पक्ष की ओर से 5 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। राहुल का यह भी आरोप है कि गजेंद्र के भाई-बहन और मां सहित पूरे परिवार को कानूनी मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही थीं। परिवार के लोग गजेंद्र को समझाते थे। वह निर्दोष है। उसे न्याय मिलेगा। गजेंद्र भी परिवार से कहता था कि एक दिन उसे न्याय जरूर मिलेगा। राहुल का कहना है कि परिवार को उम्मीद थी कि कानूनी लड़ाई में गजेंद्र को राहत मिलेगी। लेकिन इसी बीच उसने जिंदगी दांव पर लगा दी। 6 महीने पहले छोड़ी थी स्कूल की नौकरी गजेंद्र देशवाल एक प्राईवेट स्कूल में कॉमर्स के टीचर थे। वह विद्यार्थियों को कॉमर्स के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए) की पढ़ाई भी कराते थे। परिजनों के मुताबिक, उन्होंने करीब छह महीने पहले स्कूल की नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद अपना ऑनलाइन कोचिंग संस्थान संचालित करने लगे थे। गजेंद्र मूल रूप से यूपी के अलीगढ़ जिले के रहने वाले थे। शिक्षण कार्य के सिलसिले में वह खंडवा में रह रहे थे। परिवार में उनकी दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। जबकि एक भाई और एक बहन उनसे छोटे हैं। मां सहित परिवार के सदस्य खंडवा के विद्यानगर क्षेत्र में किराए के मकान में रहते थे।

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