मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) ने कांग्रेस प्रत्याशी क…और पढ़ें
HighLights
- आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव बढ़ा सकते हैं BJP-कांग्रेस की टेंशन
- ओबीसी और SC वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी में जुटे दामोदर यादव
- दतिया उपचुनाव में मायावती की पार्टी की गैर-मौजूदगी से किसे होगा फायदा?
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन दिया है। आजाद समाज पार्टी से दामोदर यादव चुनाव मैदान में हैं। वह कांग्रेस-भाजपा के वोट में सेंध लगा सकते हैं। वह खुद को बहुजन समाज पार्टी के विकल्प के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं और उनका फोकस ओबीसी और अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाताओं पर है।
दतिया में बसपा का इतिहास
दतिया में बसपा की उपस्थिति हमेशा रही है। कांग्रेस से 2023 में चुनाव जीते राजेंद्र भारती भी बसपा से 2008 में चुनाव लड़ चुके हैं और 23,256 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे। चूंकि, यहां बसपा मैदान में नहीं है, इसलिए आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव स्वयं को विकल्प के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव प्रचार के केंद्र में भी बहुजन और ओबीसी वर्ग को रखा है।
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बदला हुआ राजनीतिक समीकरण
ओबीसी में यहां कुशवाहा समाज के 30 हजार से अधिक वोट हैं। इनके वोट कांग्रेस और भाजपा के बीच बंटते रहे हैं। 2023 के चुनाव में कांग्रेस ने राजेंद्र भारती को मैदान में उतारा था, जो ओबीसी वर्ग से थे। सूत्रों का कहना है कि इस बार स्थितियां अलग हैं क्योंकि भाजपा ने आशुतोष तिवारी तो कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा है, जो सामान्य वर्ग से आते हैं।
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