नरसिंहपुर जिले के बिजोरा गांव में पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने बुधवार रात आगामी सभी चुनावों के बहिष्कार का सामूहिक निर्णय लिया है। बुधवार रात हुई ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि जब तक गांव में नर्मदा का जल नहीं पहुंचता, तब तक ग्रामीण पंचायत से लेकर लोकसभा तक किसी भी चुनाव में मतदान नहीं करेंगे। नेताओं के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या का स्थायी समाधान होने तक गांव में किसी भी राजनीतिक दल के नेता का प्रवेश वर्जित रहेगा। ग्रामवासियों ने तय किया है कि वे किसी भी निजी या सार्वजनिक कार्यक्रम में राजनीतिक हस्तियों को आमंत्रित नहीं करेंगे। हैंडपंपों से निकल रही हवा और दूषित पानी गांव में भूजल स्तर गिरने से अधिकांश हैंडपंप सूख चुके हैं और अब उनसे पानी के बजाय सिर्फ हवा निकल रही है। जहां कहीं पानी उपलब्ध भी है, वह लाल-पीला और दूषित है, जिसके सेवन से ग्रामीण लगातार बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। प्रशासनिक अनदेखी से आक्रोश सेवानिवृत्त शिक्षक वृंदावन पटेल और अन्य ग्रामीणों के अनुसार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभागको कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। झूठे वादों से नाराज ग्रामीणों ने अब ‘पानी नहीं तो वोट नहीं’ के नारे के साथ विरोध किया है। एकजुट होकर जल अधिकार की मांग मानकपुर बिजोरा के निवासियों ने कहा कि वे अपनी मूलभूत आवश्यकता और मौलिक अधिकार के लिए इस आंदोलन को जारी रखेंगे। गांव की गलियों में अब नेताओं के बजाय नर्मदा जल की मांग के पोस्टर और ग्रामीणों की एकजुटता दिखाई दे रही है।
#नरसहपर #क #बजर #म #अब #नतओ #क #नएटर #पयजल #सकट #स #परशन #गरमण #क #फसल #बल #अब #पन #नह #त #वट #नह #Narsinghpur #News



Post Comment