×
निलंबित CMHO को हाईकोर्ट से झटका:  सस्पेंशन पर रोक लगाने से इनकार; छिंदवाड़ा में सीएम ने किया था सस्पेंड – Jabalpur News

निलंबित CMHO को हाईकोर्ट से झटका: सस्पेंशन पर रोक लगाने से इनकार; छिंदवाड़ा में सीएम ने किया था सस्पेंड – Jabalpur News


7 अगस्त 2026 को छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान जनविश्वास कार्यक्रम में शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल CMHO डॉ. नरेश गुन्नाड़े को निलंबित कर दिया था। निलंबन आदेश को चुनौती देते हुए डॉ. गुन्नाड़े ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने कार्रवाई को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में उन्हें निलंबित किया गया है। बुधवार को हाईकोर्ट ने फिलहाल निलंबन पर रोक लगाने से इनकार करते हुए उन्हें पहले विभागीय अपील करने का निर्देश दिया है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह की सिंगल बेंच ने याचिका का निराकरण करते हुए कहा कि निलंबन आदेश के खिलाफ मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम के नियम 23 के तहत विभाग के समक्ष अपील का प्रावधान है। कोर्ट ने डॉ. गुन्नाड़े को 10 दिनों के भीतर अपील दाखिल करने की स्वतंत्रता दी है। संबंधित विभाग को 60 दिनों के भीतर अपील का कानून के अनुसार निराकरण करना होगा। डॉ. गुन्नाड़े की याचिका में कहा गया कि मुख्यमंत्री के छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान 8 अगस्त 2026 को सार्वजनिक रूप से उनके निलंबन की घोषणा की गई थी। उन पर सीमा तुमराम को प्रसूति सहायता राशि नहीं दिलाने का आरोप था। इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की गई थी। शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। निलंबन के बाद उन्हें छिंदवाड़ा से करीब 307 किलोमीटर दूर कटनी स्थित कार्यालय में अटैच किया गया।
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में दलील दी कि 8 अगस्त 2026 को सेकेंड सैटरडे होने के कारण सरकारी अवकाश था। उनका आरोप था कि अवकाश के दिन जल्दबाजी में और कथित राजनीतिक दबाव में निलंबन की कार्रवाई की गई, इसलिए आदेश को अवैधानिक माना जाना चाहिए। उन्होंने निलंबन आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने प्रारंभिक आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि नियम 23 के तहत निलंबन आदेश के खिलाफ विभागीय अपील का वैधानिक प्रावधान है। इसलिए याचिकाकर्ता को पहले इसी वैकल्पिक उपाय का इस्तेमाल करना चाहिए। सीधे हाईकोर्ट में याचिका दायर करना उचित नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने निलंबन आदेश में सीधे हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। डॉ. गुन्नाड़े अब 10 दिनों के भीतर विभागीय अपील दाखिल कर सकते हैं, जिस पर संबंधित विभाग को 60 दिनों के भीतर कानून के अनुसार फैसला करना होगा।

#नलबत #CMHO #क #हईकरट #स #झटक #ससपशन #पर #रक #लगन #स #इनकर #छदवड़ #म #सएम #न #कय #थ #ससपड #Jabalpur #News

Post Comment