स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) नोएडा यूनिट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का बड़ा खुलासा करते हुए एक चीनी नागरिक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह भारत में दर्जनों शेल कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन, हवाला कारोबार और अन्य आर्थिक अपराधों को अंजाम दे रहा था। गिरोह का सरगना चीनी नागरिक लियाओ लॉन्गहुई वर्ष 2020 में भारतीय वीजा समाप्त होने के बावजूद देश में अवैध रूप से रह रहा था और भारतीय सहयोगियों के माध्यम से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राज कुमार मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में एक 38 वर्षीय चीनी नागरिक लियाओ लॉन्गहुई के अलावा गाजियाबाद निवासी संजीव कुमार तथा औरैया निवासी कौशलेंद्र शामिल हैं। तीनों को बुधवार की रात करीब 10 बजे सेक्टर-93 स्थित पूर्वांचल सिल्वर सिटी से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से पांच लैपटॉप, नौ एंड्रॉयड मोबाइल, एक टैबलेट, विभिन्न कंपनियों की दस मोहरें, 11 बैंक चेकबुक, दो चीनी पासपोर्ट, एक चीनी पहचान पत्र, पैन कार्ड, कंपनी गठन से जुड़े दस्तावेज, विभिन्न बैंकों के करीब 4.72 करोड़ रुपये के चेक और नकदी बरामद की गई है।
चीनी नागरिक के पास से मिली फर्जी आधार कार्ड
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नोएडा में संचालित एक कंपनी के माध्यम से चीनी नागरिकों का गिरोह शेल कंपनियां बनाकर हवाला और अन्य वित्तीय अपराध कर रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद एसटीएफ ने सेक्टर-83 स्थित वाईटीएल मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड की गतिविधियों की जांच शुरू की। कंपनी से जुड़े चीनी नागरिक लियाओ लॉन्गहुई और उसके भारतीय सहयोगियों को पूछताछ के लिए एसटीएफ कार्यालय बुलाया गया। पूछताछ के दौरान चीनी नागरिक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
उसने बताया कि बाकी दस्तावेज उसके सेक्टर-93 स्थित आवास पर रखे हैं। जब एसटीएफ की टीम उसके फ्लैट पर पहुंची तो वहां से कई कंपनियों की चेकबुक, बैंक दस्तावेज, मोहरें और फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए। इसी आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। चीनी नागरिक लियाओ लॉन्गहुई का उसकी फोटो लगी सैमुअल लोथा के नाम से कोहिमा नागालैंड के पते पर आधार कार्ड भी मिला है।
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