ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार गुरुवार को अकीदत, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया गया। …और पढ़ें
HighLights
- ईद-उल-अजहा पर कई शहरों में भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया गया
- इंदौर सहित कई जगहों पर गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग उठी
- बकरीद के अवसर पर मुस्लिम समाज ने देश में अमन-चैन की दुआ मांगी
टीम नईदुनिया, मालवा-निमाड़। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार गुरुवार को अकीदत, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया गया। इंदौर, उज्जैन, खंडवा और धार सहित कई शहरों में मुस्लिम समाज ने सामूहिक नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी सद्भाव की दुआ मांगी। इस दौरान कई स्थानों पर गाय को राष्ट्रीय धरोहर या राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग भी उठी।
वध पर पूरी तरह प्रतिबंध लग सके
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में सदर बाजार स्थित ईदगाह पर नमाज से पहले शहर काजी डॉ. इशरत अली ने समाज को सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गाय को हमसाया कौम बड़े सम्मान से देखती है और उसे राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाना चाहिए, ताकि उसके वध पर पूरी तरह प्रतिबंध लग सके। उनके इस प्रस्ताव का वहां मौजूद हजारों नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। उन्होंने जल संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से बारिश का पानी जमीन में उतारने की अपील भी की।
उज्जैन में इंदिरानगर स्थित ईदगाह पर शहर काजी खालिकुर्रहमान ने मुख्य नमाज अदा कराई। नमाज के बाद देश में शांति और भाईचारे के लिए विशेष दुआ की गई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर ईदगाह और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
ईदगाह समेत 40 मस्जिदों में नमाज अदा
खंडवा में मुख्य ईदगाह समेत 40 मस्जिदों में नमाज अदा की गई। शहर काजी सैयद निसार अली ने कहा कि हिंदू समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में वर्षों से गोवंश की कुर्बानी नहीं दी जा रही है। उन्होंने गोवंश की आड़ में हिंसा करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नमाजियों को पौधे वितरित किए गए।
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