डिजिटस डेस्क, भोपाल। स्टूडेंट्स के एजुकेशनल रिकॉर्ड को डिजिटल, सुरक्षित और एक मंच पर लाने के लिए केंद्र सरकार ने ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट ID’ पहल की शुरुआत की है। इसके तहत चलाई जा रही ‘अपार ID’ (APAAR ID) योजना मध्य प्रदेश में सुस्त रफ्तार से चल रही है। स्थिति यह है कि प्रदेश के कुल 1.40 करोड़ स्टूडेंट्स में से अब तक सिर्फ 1.03 करोड़ बच्चों का ही रेजिस्ट्रेशन हो पाया है, जबकि करीब 37 लाख विद्यार्थी (लगभग 30%) अभी भी इस डिजिटल पहचान से कोसों दूर हैं।
इस अभियान की खास बात यह रही कि भोपाल और इंदौर जैसे बड़े महानगर पिछड़ गए, जबकि डिंडौरी, मंडला और उज्जैन जैसे छोटे जिलों ने शानदार प्रदर्शन दिया है।
क्या है ‘अपार ID’ और इसके फायदे?
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत प्रत्येक छात्र को 12 अंकों की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान दी जाती है। इसके जरिए:
- मार्कशीट, एडमिट कार्ड, डिग्रियां और पुरस्कार जैसी सभी एजुकेशन जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहती हैं।
- छात्रवृत्ति (Scholarship), स्कूल एंट्रेंस एग्जाम और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में यह ID बेहद मददगार साबित होती है।
रेजिस्ट्रेशन में क्यों आ रही है दिक्कत?
हर शनिवार स्कूलों में ‘मेगा अपार दिवस’ आयोजित करने के निर्देश के बावजूद लक्ष्य पूरा न होने के पीछे कुछ मुख्य तकनीकी और व्यावहारिक परेशानियां सामने आई हैं-
- आधार कार्ड से जुड़ी विसंगतियां और नाम में अशुद्धियां।
- अभिभावकों से समय पर सहमति (Consent) न मिल पाना।
इन समस्याओं से निपटने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला और ब्लॉक स्तर पर विशेष प्रबंध किए हैं। ताकि आधार सुधार और तकनीकी अड़चनों को प्राथमिकता से दूर किया जा सके।
बड़े शहर पिछड़े, छोटे जिलों ने दिखाई लीड
आंकड़ों के मुताबिक, बड़े शहरों में बच्चों का रेजिस्ट्रेशन कम है-
कमजोर प्रदर्शन वाले शहर- भोपाल में 66.9%, ग्वालियर में 68%, जबकि इंदौर और जबलपुर में 72-73% स्टूडेंट्स की ही अपार ID बन पाई है।
टॉप 10 बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जिले
- डिंडौरी: 91.4%
- बालाघाट: 90.1%
- उज्जैन: 89.8%
- मंडला: 86.7%
- पांढुरणा: 84.6%
- सिवनी: 82.5%
- छिंदवाड़ा: 82.4%
- बड़वानी: 82.2%
- खंडवा: 80.07%
- राजगढ़: 79.1%
सबसे पीछे रहने वाले 10 जिले
- विदिशा: 63.6%
- रायसेन: 63.9%
- श्योपुर: 64.3%
- देवास: 64.8%
- झाबुआ: 65.3%
- खरगोन: 65.6%
- सागर: 66.6%
- भोपाल: 66.9%
- धार: 68.4%
- मऊगंज: 68.9%
यह भी पढ़ें- एमपी के 13 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 3,600 MBBS इंटर्न्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, जूडा ने भी दी आंदोलन की चेतावनी
#मधय #परदश #म #लख #सटडटस #क #नह #बन #पई #अपर #छतर #डजटल #पहचन #स #दर #छट #जल #न #मर #बज



Post Comment