रतलाम। स्वास्थ्य विभाग के भी दिन लदते नजर आ रहे हैं। लाखों रुपए की मरीजों के उपचार के लिए शहरी क्षेत्रों में संजीवनी क्लीनिक की बिल्डिंग बनाकर तैयार कर दी, लेकिन उसमें पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मूल पदस्थापना पर भेजने के आदेश के बाद करमदी रोड स्थित संजीवनी क्लीनिक की व्यवस्था फिर बिगड़ गई है।
संजीवनी क्लीनिक में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर के स्थानांतरण के बाद क्लीनिक आउटसोर्स कर्मचारी के भरोसे रह गया है। रोजाना आने वाले 10 से 15 मरीजों को न समुचित उपचार मिल रहा है और न दवाइयां। परेशान मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
गत दिवस दरअसल आयुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, भोपाल के आदेश पर सीएमएचओ डॉ. किरण वाडिवा ने 34 स्वास्थ्य कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से उनके मूल पदस्थापना स्थल पर लौटने के निर्देश दिए थे. लेकिन जिन स्थानों पर नर्सिंग ऑफिसर नहीं है उन स्थानों पर व्यवस्था करना चाहिए थी, वह अब तक नहीं हुई। इसके बाद क्लीनिक पर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए क्लीनिक में कर्मचारी की कमी के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कई मरीजों तो रामगढ़ स्थित संजीवनी क्लीनिक पर पहुंचकर अपना उपचार करा रहे हैं।
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