नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साल सोना नहीं खरीदने की अपील के बाद अब सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दिए जाने से ज्वेलरी उद्योग और सराफा व्यापारियों की परेशानी और बढ़ गई। हालांकि ज्वेलर्स को ड्यूटी में बढ़ोतरी का अंदेशा पहले ही हो गया था और वैसा ही हुआ।
केंद्र सरकार ने चांदी-सोने पर आयात शुल्क 5 फीसद से बड़ा बढ़कर 10 फीसद कर दिया है और सेस 1 फीसद से बढ़कर 5 फीसद कर दिया है। सोने और चांदी में जो ड्यूटी 6 फीसद लगती थी वह बढ़कर अब 15 फीसद लगेगी। यानी कुल मिलाकर सोने और चांदी के आयात के लिए अब हमें 9 फीसद ज्यादा ड्यूटी ज्यादा देना पड़ेगी।
इसके चलते बुधवार को भारतीय बाजारों में दोनों धातुओं की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। हालांकि बढ़ते दामों पर बाजार में ग्राहकों का सन्नाटा देखने को मिला है।
बुधवार को इंदौर सराफा बाजारों में सोना केडबरी 5600 रुपये उछलकर 157000 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी चौरसा 12 हजार रुपये उछलकर 269000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई जबकि अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा मार्केट में भी सोना कमजोर रहा।
कामेक्स पर सोना वायदा 10 डालर टूटकर 4690 डालर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया। वहीं चांदी वायदा 249 सेंट उछलकर 86.55 डालर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई।
सराफा व्यवसायी नीलेश सारडा का कहना है कि सरकार ने सोने के इंपोर्ट को कम करने और बढ़ते राजकोषीय घाटे के साथ भारतीय रुपये के अवमूल्यन को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
उल्लेखनीय है कि भारत के आयात बिल का 9 फीसदी हिस्सा सोने का है। हालांकि वर्ष दर वर्ष सोने की आयात की मात्रा में तो थोड़ी कमी आ रही है, पर लगातार बढ़ते भाव से बिल में इजाफा हो रहा है और हमें ज्यादा डालर देना पड़ रहे हैं। बुलियन एवं आभूषण इंडस्ट्री की बात करें तो प्रधानमंत्री की अपील से और बढ़ाई गई आयात ड्यूटी से इस इंडस्ट्री पर नकारात्मक असर पड़ना तय है।
आने वाले दो वर्ष इस ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए बहुत ज्यादा चुनौती पूर्ण होने की संभावना है। मध्य पूर्व तनाव के शुरू होते ही विश्व व्यापी ऊर्जा संकट का माहौल है और क्रूड ऑयल के दाम जो लगभग 70 डालर प्रति बैरल हुआ करते थे वह अब 100 डालर के ऊपर पहुंच गए हैं।
पूरे विश्व में पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा देखा जा रहा है लेकिन भारत में अभी तक पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढे हैं। बुधवार को डालर की दर 96 डालर के करीब पहुंच गई है। आयातकों के लिए बड़ी चिंता की बात है। सोने और चांदी की आयात ड्यूटी में वृद्धि का यह कदम एक शुरुआत है।
जल्दी ही पेट्रोल-डीजल के दामों में भी परिवर्तन होने की संभावना है जिसके बाद परिवहन और माल ढुलाई लागत में वृद्धि होगी। इससे महंगाई और बढ़ने का संकेत है। सूत्रों की माने तो आगे भले ही मध्य पूर्व तनाव खत्म हो जाएगा लेकिन उसके दुष्परिणाम अगले 1 वर्ष तक पूरे विश्व को झेलने पड़ेंगे।
कामेक्स वायदा
सोना वायदा 4690 डालर तक जाने के बाद ऊपर में 4726 डालर और नीचे में 4685 डालर प्रति औंस और चांदी 86.55 डालर तक जाने के बाद ऊपर में 87.78 डालर और नीचे में 85.52 डालर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई।
इंदौर के बंद भाव
सोना केडबरी रवा नकद में 157000, सोना आरटीजीएस में 159000 (जीएसटी अतिरिक्त), सोना 22 कैरेट 145700 रुपये प्रति दस ग्राम (जीएसटी अतिरिक्त) है। मंगलवार को सोना 151400 रुपये पर बंद हुआ। चांदी चौरसा 269000, चांदी आरटीजीएस 278000 चांदी टंच 269500 रुपये प्रति किलो और चांदी सिक्का 2880 रु. प्रति नग बिका। मंगलवार को चांदी 257000 रु. पर बंद हुई थी
Source link
#सरफ #बजर #इपरट #डयट #बढ़न #स #सन #5600चद #हजर #रपय #तक #हई #महग



Post Comment