मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर सोशल मीडिया में सवाल उठ रहे हैं। बसों की गुणवत्ता और पुरानी बसों के इस्तेमाल को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इस पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने स्थिति साफ की है। मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने गाडरवारा में बताया कि यह सेवा पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर चलेगी। इसमें बस निजी मालिक की होगी। बस नई होगी या पुरानी, यह फैसला बस मालिक ही करेगा। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और वीडियो में बसों का पेंट उखड़ा हुआ दिख रहा है। आरोप हैं कि पुरानी बसों को रंग-रोगन कर नया दिखाया जा रहा है। इससे बसों की उम्र और रखरखाव पर सवाल उठे हैं। रंग, मापदंड और फिटनेस के नियम तय किए मंत्री ने कहा कि सरकार ने बसों के संचालन के लिए रंग, मापदंड और फिटनेस के नियम तय किए हैं। बस पुरानी हो या नई, उसे इन मानकों का पालन करना होगा। पुरानी बस होने पर भी उसे तय रंग-रूप और मानकों के हिसाब से रखना जरूरी है। सरकार का काम नियमों और फिटनेस मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
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