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#Nintendos #newest #WarioWare #weirdo #smartphone #appAnalysis,Entertainment,Gaming,Nintendo,Report"> Nintendo’s newest WarioWare is a weirdo smartphone appMuch like WarioWare, Pictonico (which, I admit, I’m not entirely sure how to pronounce) is a collection of microgames that last just a few seconds each. In each round, you play 10 of these in quick succession, and usually you have just enough time to figure out what you actually need to do before moving on to the next thing. You’re given a simple command like, say, “chomp,” and then you have to do something like grab hold of a mouth and make it chew some food. The games are all very silly in often hilarious ways, so you’ll be plucking hair, licking lollipops, and peeling bananas as quickly as you can.The twist in Pictonico is that the games all use photos on your camera roll to customize the experience. The game pulls faces from photos and slips them into the microgames, so I found myself making my wife chomp down on kebab with a disturbingly large mouth, or rubbing a lamp to see a buff genie version of my 10-year-old pop out. As an example, here is me as a ballerina waiting to get their photo taken:The game lets you choose which photos you want to appear in the game so things don’t get uncomfortably weird, and it does occasionally pull things that aren’t human faces. At one point I had to match up an image that had been broken up into three parts, and it was a photo I had taken during my time reporting on the Nintendo Museum in Kyoto. Pictonico is a free download on both iOS and Android, but that only gets you access to a demo version; to play the full thing, which includes 80 different minigames, you have to buy two content packs priced at .69 and .99 each.#Nintendos #newest #WarioWare #weirdo #smartphone #appAnalysis,Entertainment,Gaming,Nintendo,Report
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#Nintendos #newest #WarioWare #weirdo #smartphone #appAnalysis,Entertainment,Gaming,Nintendo,Report">Nintendo’s newest WarioWare is a weirdo smartphone app

Much like WarioWare, Pictonico (which, I admit, I’m not entirely sure how to pronounce) is a collection of microgames that last just a few seconds each. In each round, you play 10 of these in quick succession, and usually you have just enough time to figure out what you actually need to do before moving on to the next thing. You’re given a simple command like, say, “chomp,” and then you have to do something like grab hold of a mouth and make it chew some food. The games are all very silly in often hilarious ways, so you’ll be plucking hair, licking lollipops, and peeling bananas as quickly as you can.

The twist in Pictonico is that the games all use photos on your camera roll to customize the experience. The game pulls faces from photos and slips them into the microgames, so I found myself making my wife chomp down on kebab with a disturbingly large mouth, or rubbing a lamp to see a buff genie version of my 10-year-old pop out. As an example, here is me as a ballerina waiting to get their photo taken:

The game lets you choose which photos you want to appear in the game so things don’t get uncomfortably weird, and it does occasionally pull things that aren’t human faces. At one point I had to match up an image that had been broken up into three parts, and it was a photo I had taken during my time reporting on the Nintendo Museum in Kyoto. Pictonico is a free download on both iOS and Android, but that only gets you access to a demo version; to play the full thing, which includes 80 different minigames, you have to buy two content packs priced at $7.69 and $5.99 each.

#Nintendos #newest #WarioWare #weirdo #smartphone #appAnalysis,Entertainment,Gaming,Nintendo,Report

Much like WarioWare, Pictonico (which, I admit, I’m not entirely sure how to pronounce) is…

Indian news

इंदौर से मुंबई, दिल्ली, पटना, खड़की और श्रीगंगानगर के लिए चल रही पांच स्पेशल ट्रेनों…

International news

{"_id":"6a18d986ab39b8bce7054861","slug":"neet-ug-iaf-planes-iran-hormuz-missiles-ethanol-petrol-delhi-weather-2026-05-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"TOP News: ईरान का अमेरिकी विमान गिराने का दावा, नीट पेपर पर फौजी कवच का…

China को टक्कर देने की तैयारी, भारत-अमेरिका के कौनसे समझौते से उड़ी ड्रेगन की नींद, दबदबा होगा खत्म

प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना रोकटोक जारी रहेगी। ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री माइंस हटानी होंगी और जहाजों से टोल नहीं लिया जाएगा। इसके बदले अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी धीरे-धीरे हटाएगा और ईरान को तेल बेचने के लिए कुछ प्रतिबंधों में राहत देने पर चर्चा करेगा।

अमेरिका की नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी भी हटा ली जाएगी, लेकिन ऐसा तभी होगा जब कमर्शियल जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो जाएगी। इस समझौता ज्ञापन (MOU) में ईरान की तरफ से यह वादा भी शामिल होगा कि वह कोई भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा। दोनों पक्षों के बीच यह अस्थाई समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर नाजुक दौर से गुजर रहा है।

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गुरुवार को अमेरिकी मिलिट्री ने ईरान पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया, जब कुवैत ने इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ अमेरिकी हमले के बाद हमले की खबर दी थी। समझौता ज्ञापन (MOU) में क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा देने का भी जिक्र है और ट्रंप प्रशासन को उम्मीद है कि क्षेत्रीय प्रॉक्सी के लिए ईरान के सपोर्ट पर चर्चा होगी। अगर बातचीत के दौरान यह साफ हो जाता है कि ईरान न्यूक्लियर मुद्दे पर कुछ नहीं कर पा रहा है, तो ट्रंप के पास सभी ऑप्शन होंगे।
Edited By : Chetan Gour


"> अमेरिका-ईरान में बनी सहमति, 60 दिन का होगा युद्धविराम, राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी का इंतजार
	
		
	अमेरिका और ईरान 60 दिन के संघर्षविराम समझौते पर सहमत हो गए हैं। खबरों के अनुसार, दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति बन गई है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी है। ट्रंप ने समझौते पर फैसला लेने के लिए कुछ दिन का समय मांगा है। इस कारण डील के ऐलान में देरी हो रही है। प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना रोकटोक जारी रहेगी। ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री माइंस हटानी होंगी और जहाजों से टोल नहीं लिया जाएगा।
	
	अमेरिका और ईरान 60 दिन के संघर्षविराम समझौते पर सहमत हो गए हैं। खबरों के अनुसार, दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति बन गई है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी है। ट्रंप ने समझौते पर फैसला लेने के लिए कुछ दिन का समय मांगा है। इस कारण डील के ऐलान में देरी हो रही है।
	
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	प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना रोकटोक जारी रहेगी। ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री माइंस हटानी होंगी और जहाजों से टोल नहीं लिया जाएगा। इसके बदले अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी धीरे-धीरे हटाएगा और ईरान को तेल बेचने के लिए कुछ प्रतिबंधों में राहत देने पर चर्चा करेगा।
	
	अमेरिका की नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी भी हटा ली जाएगी, लेकिन ऐसा तभी होगा जब कमर्शियल जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो जाएगी। इस समझौता ज्ञापन (MOU) में ईरान की तरफ से यह वादा भी शामिल होगा कि वह कोई भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा। दोनों पक्षों के बीच यह अस्थाई समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर नाजुक दौर से गुजर रहा है।
	
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	गुरुवार को अमेरिकी मिलिट्री ने ईरान पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया, जब कुवैत ने इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ अमेरिकी हमले के बाद हमले की खबर दी थी। समझौता ज्ञापन (MOU) में क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा देने का भी जिक्र है और ट्रंप प्रशासन को उम्मीद है कि क्षेत्रीय प्रॉक्सी के लिए ईरान के सपोर्ट पर चर्चा होगी। अगर बातचीत के दौरान यह साफ हो जाता है कि ईरान न्यूक्लियर मुद्दे पर कुछ नहीं कर पा रहा है, तो ट्रंप के पास सभी ऑप्शन होंगे।
	Edited By : Chetan Gour
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China को टक्कर देने की तैयारी, भारत-अमेरिका के कौनसे समझौते से उड़ी ड्रेगन की नींद, दबदबा होगा खत्म

प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना रोकटोक जारी रहेगी। ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री माइंस हटानी होंगी और जहाजों से टोल नहीं लिया जाएगा। इसके बदले अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी धीरे-धीरे हटाएगा और ईरान को तेल बेचने के लिए कुछ प्रतिबंधों में राहत देने पर चर्चा करेगा।

अमेरिका की नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी भी हटा ली जाएगी, लेकिन ऐसा तभी होगा जब कमर्शियल जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो जाएगी। इस समझौता ज्ञापन (MOU) में ईरान की तरफ से यह वादा भी शामिल होगा कि वह कोई भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा। दोनों पक्षों के बीच यह अस्थाई समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर नाजुक दौर से गुजर रहा है।

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गुरुवार को अमेरिकी मिलिट्री ने ईरान पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया, जब कुवैत ने इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ अमेरिकी हमले के बाद हमले की खबर दी थी। समझौता ज्ञापन (MOU) में क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा देने का भी जिक्र है और ट्रंप प्रशासन को उम्मीद है कि क्षेत्रीय प्रॉक्सी के लिए ईरान के सपोर्ट पर चर्चा होगी। अगर बातचीत के दौरान यह साफ हो जाता है कि ईरान न्यूक्लियर मुद्दे पर कुछ नहीं कर पा रहा है, तो ट्रंप के पास सभी ऑप्शन होंगे।
Edited By : Chetan Gour


">अमेरिका-ईरान में बनी सहमति, 60 दिन का होगा युद्धविराम, राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी का इंतजार

अमेरिका-ईरान में बनी सहमति, 60 दिन का होगा युद्धविराम, राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी का इंतजार
	
		
	अमेरिका और ईरान 60 दिन के संघर्षविराम समझौते पर सहमत हो गए हैं। खबरों के अनुसार, दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति बन गई है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी है। ट्रंप ने समझौते पर फैसला लेने के लिए कुछ दिन का समय मांगा है। इस कारण डील के ऐलान में देरी हो रही है। प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना रोकटोक जारी रहेगी। ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री माइंस हटानी होंगी और जहाजों से टोल नहीं लिया जाएगा।
	
	अमेरिका और ईरान 60 दिन के संघर्षविराम समझौते पर सहमत हो गए हैं। खबरों के अनुसार, दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति बन गई है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी है। ट्रंप ने समझौते पर फैसला लेने के लिए कुछ दिन का समय मांगा है। इस कारण डील के ऐलान में देरी हो रही है।
	
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	प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना रोकटोक जारी रहेगी। ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री माइंस हटानी होंगी और जहाजों से टोल नहीं लिया जाएगा। इसके बदले अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी धीरे-धीरे हटाएगा और ईरान को तेल बेचने के लिए कुछ प्रतिबंधों में राहत देने पर चर्चा करेगा।
	
	अमेरिका की नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी भी हटा ली जाएगी, लेकिन ऐसा तभी होगा जब कमर्शियल जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो जाएगी। इस समझौता ज्ञापन (MOU) में ईरान की तरफ से यह वादा भी शामिल होगा कि वह कोई भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा। दोनों पक्षों के बीच यह अस्थाई समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर नाजुक दौर से गुजर रहा है।
	
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	गुरुवार को अमेरिकी मिलिट्री ने ईरान पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया, जब कुवैत ने इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ अमेरिकी हमले के बाद हमले की खबर दी थी। समझौता ज्ञापन (MOU) में क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा देने का भी जिक्र है और ट्रंप प्रशासन को उम्मीद है कि क्षेत्रीय प्रॉक्सी के लिए ईरान के सपोर्ट पर चर्चा होगी। अगर बातचीत के दौरान यह साफ हो जाता है कि ईरान न्यूक्लियर मुद्दे पर कुछ नहीं कर पा रहा है, तो ट्रंप के पास सभी ऑप्शन होंगे।
	Edited By : Chetan Gour

अमेरिका और ईरान 60 दिन के संघर्षविराम समझौते पर सहमत हो गए हैं। खबरों के अनुसार, दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति बन गई है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी है। ट्रंप ने समझौते पर फैसला लेने के लिए कुछ दिन का समय मांगा है। इस कारण डील के ऐलान में देरी हो रही है। प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना रोकटोक जारी रहेगी। ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री माइंस हटानी होंगी और जहाजों से टोल नहीं लिया जाएगा।

अमेरिका और ईरान 60 दिन के संघर्षविराम समझौते पर सहमत हो गए हैं। खबरों के अनुसार, दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति बन गई है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी है। ट्रंप ने समझौते पर फैसला लेने के लिए कुछ दिन का समय मांगा है। इस कारण डील के ऐलान में देरी हो रही है।

ALSO READ: China को टक्कर देने की तैयारी, भारत-अमेरिका के कौनसे समझौते से उड़ी ड्रेगन की नींद, दबदबा होगा खत्म

प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना रोकटोक जारी रहेगी। ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री माइंस हटानी होंगी और जहाजों से टोल नहीं लिया जाएगा। इसके बदले अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी धीरे-धीरे हटाएगा और ईरान को तेल बेचने के लिए कुछ प्रतिबंधों में राहत देने पर चर्चा करेगा।

अमेरिका की नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी भी हटा ली जाएगी, लेकिन ऐसा तभी होगा जब कमर्शियल जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो जाएगी। इस समझौता ज्ञापन (MOU) में ईरान की तरफ से यह वादा भी शामिल होगा कि वह कोई भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा। दोनों पक्षों के बीच यह अस्थाई समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर नाजुक दौर से गुजर रहा है।

ALSO READ: RGC का दावा- मार गिराया अमेरिका का खतरनाक MQ-9 रीपर ड्रोन, F-35 लड़ाकू विमान भी उल्टे पांव लौटे

गुरुवार को अमेरिकी मिलिट्री ने ईरान पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया, जब कुवैत ने इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ अमेरिकी हमले के बाद हमले की खबर दी थी। समझौता ज्ञापन (MOU) में क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा देने का भी जिक्र है और ट्रंप प्रशासन को उम्मीद है कि क्षेत्रीय प्रॉक्सी के लिए ईरान के सपोर्ट पर चर्चा होगी। अगर बातचीत के दौरान यह साफ हो जाता है कि ईरान न्यूक्लियर मुद्दे पर कुछ नहीं कर पा रहा है, तो ट्रंप के पास सभी ऑप्शन होंगे।
Edited By : Chetan Gour


अमेरिका और ईरान 60 दिन के संघर्षविराम समझौते पर सहमत हो गए हैं। खबरों के…

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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। व्यापार के केंद्र छावनी में इन दिनों मलबे के ढेर और धूल…