×
80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश: ‘अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा, भारत को बड़े लक्ष्य तय करने होंगे’ – Vindhya Bhaskar

80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश: ‘अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा, भारत को बड़े लक्ष्य तय करने होंगे’ – Vindhya Bhaskar

नई दिल्ली। भारत ने शुक्रवार को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह, गर्व और देशभक्ति के साथ मनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की ऐतिहासिक प्राचीर से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया और देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत के विकास, आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी प्रगति और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य पर विस्तार से बात की।
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया और कहा कि आज हर दिल ‘वंदे मातरम्’ के नाद से गूंज रहा है। उन्होंने ‘हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा’ का संदेश देते हुए कहा कि देश नए संकल्पों और उत्साह के साथ आगे बढ़ रहा है। इस वर्ष लाल किले से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी किया गया, जो समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा।

‘अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा’
पीएम मोदी ने देशवासियों से बड़े सपने देखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा। बड़े सपने हमारी सोच का विस्तार करते हैं और देश के विकास की नई दिशा तय करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, जब वह अपने सपनों, संकल्पों और सामर्थ्य के बल पर आगे बढ़ता है।

उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेता है, तो यह उसके साहस और सामर्थ्य को दर्शाता है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत की प्रगति और नवाचार को पूरी दुनिया नए नजरिए से देख रही है।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। देश को अपनी क्षमताएं बढ़ाने और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा स्वयं करने की जरूरत है। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वदेशी’ और ‘लोकल फॉर लोकल’ जैसी पहलों को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आधार बताया।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया है। कोरोना महामारी के बाद यूक्रेन और पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तनाव और अनिश्चितता का माहौल बना। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भारत ने अपनी जरूरतों को पूरा करने और संकटों से निपटने की क्षमता दिखाई।

ऊर्जा सुरक्षा और हाइड्रोजन ट्रेन का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में चिप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर जैसी तकनीकों के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होगी। इसलिए ऊर्जा सुरक्षा आज के समय की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल है। उन्होंने कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने और समुद्री क्षेत्रों में तेल एवं गैस के अन्वेषण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने बताया कि पिछले दशक में भारत ने रेलवे के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल किया है। इससे आयातित डीजल पर निर्भरता कम हुई है और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिली है। भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन की शुरुआत को उन्होंने स्वच्छ और आधुनिक परिवहन की दिशा में बड़ा कदम बताया।

700 शहरों तक पहुंची पाइप गैस सुविधा
पीएम मोदी ने कहा कि 12 वर्ष पहले देश के केवल 70 शहरों में पाइप वाली गैस की सुविधा उपलब्ध थी। अब यह सुविधा 700 शहरों तक पहुंच चुकी है और 1.75 करोड़ घर पाइप गैस लाइन से जुड़ गए हैं। उन्होंने इसे बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और आम नागरिकों के जीवन में आए बदलाव का उदाहरण बताया।

प्रधानमंत्री ने रक्षा उत्पादन में चार गुना, खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादन में पांच गुना तथा इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में सात गुना वृद्धि का दावा किया। उन्होंने मोबाइल फोन उत्पादन और डिजिटल लेनदेन में हुई बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया।
अंत में पीएम मोदी ने बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने देशवासियों से बड़े संकल्पों के साथ एकजुट होकर विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।

#80व #सवततरत #दवस #पर #पएम #मद #क #बड #सदश #अब #छट #सपन #स #कम #नह #चलग #भरत #क #बड #लकषय #तय #करन #हग #Vindhya #Bhaskar

Post Comment