शासन द्वारा भू-उपयोग परिवर्तन की अनुमति नहीं मिलने के बाद आईडीए ने इस जमीन पर पीपीपी मॉडल के तहत मल्टी मॉडल मोबिलिटी हब विकसित करने की योजना बनाई है। …और पढ़ें
HighLights
- यह क्षेत्र एक प्रमुख ट्रांजिट और कमर्शियल सेंटर के रूप में उभरेगा
- आईडीए ये सभी सुविधाएं पीपीपी मॉडल के तहत जुटाएगा
- जमीन की कुल कीमत एक हजार करोड़ रुपये से अधिक है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर के विजय नगर चौराहा स्थित बस स्टैंड की जमीन पर मल्टी मॉडल मोबिलिटी हब विकसित किया जाएगा। यहां बस परिवहन के साथ मेट्रो कनेक्टिविटी भी मिलेगी। इसके अलावा परिसर में होटल, ऑफिस, मार्केट और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं मिलेंगी।
इससे यह क्षेत्र एक प्रमुख ट्रांजिट और कमर्शियल सेंटर के रूप में उभरेगा। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ये सुविधाएं पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत जुटाएगा। आईडीए ने विजय नगर स्थित पुराने आरटीओ की जमीन के उपयोग को लेकर बड़ा निर्णय लिया है।
शासन द्वारा भू-उपयोग परिवर्तन की अनुमति नहीं मिलने के बाद आईडीए ने इस जमीन पर पीपीपी मॉडल के तहत मल्टी मॉडल मोबिलिटी हब विकसित करने की योजना बनाई है। इस प्रस्ताव को हाल ही में आयोजित बोर्ड बैठक में मंजूरी मिली है। अनुमान है कि इस जमीन की कुल कीमत एक हजार करोड़ रुपये से अधिक है, जिससे यह शहर के सबसे महंगे और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में शामिल हो गया है।
बस स्टैंड के लिए आरक्षित
विजय नगर स्थित करीब साढ़े नौ एकड़ जमीन बस स्टैंड के लिए आरक्षित है। इसमें से कुछ जमीन एआईसीटीसीएल को दी जा चुकी है। आईडीए ने इसका उपयोग व्यावसायिक करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, ताकि इसे बेचा जा सके। हालांकि इस प्रस्ताव को शासन ने खारिज कर दिया।
अब आईडीए उपयोग बदले बिना मल्टी मॉडल मोबिलिटी हब बनाने जा रहा है। इसके बनने से शहरी ट्रांसपोर्ट और व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी। गौरतलब है आईडीए पहले ही नायता मुंडला, कुमेड़ी और एमआर-10 क्षेत्र में आधुनिक आईएसबीटी विकसित कर चुका है।
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