रणजीत हनुमान मंदिर के पास स्थित विश्राम बाग को संवारने का प्रोजेक्ट आठ साल का समय बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों को अत्याधुनिक स्विमिंग पूल और बच्चों के लिए टॉय ट्रेन जैसी मनोरंजक सुविधाएं उपलब्ध कराना था। हालांकि इस दौरान तीन बार एजेंसी बदली जा चुकी है और चार बार प्रोजेक्ट की समय सीमा में बदलाव किया जा चुका है लेकिन हर बार कोई न कोई नई बाधा सामने आ जाती है। ताजा अड़चन टॉय ट्रेन के ट्रैक को लेकर पैदा हुई है जिससे काम की गति एक बार फिर थम गई है।
टॉय ट्रेन ट्रैक के विस्तार से फंसा पेंच
परियोजना के तहत बच्चों के लिए टॉय ट्रेन चलाने की योजना है जिसे पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाना था। इसमें ट्रैक और स्टेशन निर्माण की जिम्मेदारी नगर निगम की थी जबकि संचालन निजी कंपनी को करना था। पूर्व में टॉय ट्रेन के ट्रैक की लंबाई 350 मीटर प्रस्तावित की गई थी जिसे अब 150 मीटर और बढ़ाकर कुल 500 मीटर करने का प्रस्ताव उठा है। इस नए विस्तार के लिए दोबारा प्रस्ताव तैयार कर एमआईसी के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा। एमआईसी से स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी जिसका सीधा अर्थ है कि सुविधाओं के लिए जनता को अभी और लंबा इंतजार करना होगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्विमिंग पूल अब भी प्रतीक्षा में, नई समय सीमा जून 2026
विश्राम बाग कुल 11.50 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है जिसमें से 9.10 एकड़ में बगीचा विकसित है। शेष 2.40 एकड़ हिस्से में नौ करोड़ रुपए की लागत से यह प्रोजेक्ट बन रहा है। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्विमिंग पूल भी तैयार किया जा रहा है। इसमें 50 मीटर लंबा और 25 मीटर चौड़ा इनडोर स्विमिंग पूल बनाया जाना प्रस्तावित है ताकि यहां बड़े स्तर की तैराकी प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकें। वर्ष 2018 में शुरू हुए इस कार्य को 2020 तक पूर्ण होना था लेकिन समय सीमा निरंतर बढ़ती रही। दो बार एजेंसी बदलने के बाद 2024 में नई कंपनी को काम सौंपा गया जिसे जून 2025 तक का समय दिया गया था। इसके बाद अवधि को छह-छह महीने के लिए दो बार और बढ़ाया गया जिससे अब नई डेडलाइन जून 2026 तय की गई है लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसमें भी देरी होने की प्रबल संभावना है।
भुगतान में देरी से थमी प्रोजेक्ट की गति
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक प्रोजेक्ट का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। वर्तमान में निर्माण एजेंसी का करीब डेढ़ करोड़ रुपए का भुगतान लंबित है जिसके कारण काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है। स्विमिंग पूल का मुख्य ढांचा तो बनकर तैयार है लेकिन वाटर चेंज सिस्टम, मोटर पंप, चेंजिंग रूम और लाइटिंग जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य अभी शेष हैं। इन कार्यों के पूरा हुए बिना पूल को शुरू करना मुमकिन नहीं है। इसके अलावा अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग एजेंसियां होने और उनके बीच समन्वय की कमी ने भी प्रोजेक्ट को प्रभावित किया है। निगम द्वारा एजेंसियों पर पेनल्टी लगाए जाने के बावजूद स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं देखा गया।
जल्द पूरा हो जाएगा प्रोजेक्ट, कई सुविधाएं मिलेंगी
विश्राम बाग के बगीचा क्षेत्र में हरियाली जरूर विकसित हुई है जिससे पर्यावरण में सुधार दिख रहा है लेकिन प्रोजेक्ट के मुख्य आकर्षण जैसे स्विमिंग पूल और टॉय ट्रेन की सुविधाएं अधूरी रहने से समूचा प्रोजेक्ट अपूर्ण नजर आता है। हालांकि निगम अधिकारियों का दावा है कि आगामी दो से तीन महीनों में सभी शेष कार्य पूरे कर लिए जाएंगे परंतु पूर्व में किए गए इसी तरह के दावों के कारण स्थानीय लोगों में अब भी संशय बना हुआ है। प्रोजेक्ट को अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर देख रहे हैं। उनका कहना है कि जल्द ही प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा और शहरवासियों को इसमें कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी।
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