मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। कामराज (45) और उनका भतीजा मयूरम अब भी लापता है। सेना के साथ NDRF और SDRF की टीमें बोट के जरिए सर्चिंग कर रही हैं। शनिवार शाम को 6 बजे दो और बच्चों के शव बरामद किए गए। इनमें से एक की पहचान श्रीतमिल पिता कामराज (5) के रूप में हुई। दूसरा बच्चा विराज पिता कृष्ण सोनी (5) है। विराज सोनी का शव शनिवार शाम 6 बजे घटनास्थल के पास मिला है। शव को मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया है। शाम 5 बजे तेज हवा में पलटा था क्रूज 30 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे MP टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में डूब गया था। क्रूज में करीब 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ। उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 74 किमी/घंटा थी। कार्गो विमान से तमिलनाडु भेजे गए शव बरगी क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले तमिलनाडु के पर्यटकों के शव उनके गृह राज्य भेजे जा रहे हैं। जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से कार्गो विमान के जरिए शवों को त्रिचि रवाना किया गया। शुरुआत में तकनीकी कारणों से एक कार्गो विमान में दिक्कत आई, जिसके बाद शवों को दूसरे विमान से भेजा गया। मृतकों के परिजन भी साथ में रवाना हुए हैं। प्रशासन की ओर से अन्य शवों को भी चरणबद्ध तरीके से उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। देखिए हादसे की 5 तस्वीरें… बवंडर को बताया हादसे की वजह एमपी टूरिज्म के सलाहकार कमांडर राजेंद्र निगम के अनुसार बर्गी डैम हादसा अचानक आए ‘मिनी बवंडर’ और तेज लहरों के कारण हुआ। उनका कहना है कि ऊंची लहरों से क्रूज का संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह पलट गया। हालांंकि, इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल अब भी अनसुलझा है कि जब मौसम विभाग ने पहले ही यलो अलर्ट जारी कर दिया था, तो फिर क्रूज का संचालन क्यों नहीं रोका गया? यह भी स्पष्ट नहीं है कि खराब मौसम के दौरान किसी तरह की रियल-टाइम मॉनिटरिंग या अलर्ट सिस्टम मौजूद था या नहीं। जानिए, 3 दिनों में क्या-क्या हुआ इससे जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…
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