49 लाख रुपये के घोटाले का मास्टर माइंड बाबू मोहम्मद शकील निकला। उसने गबन के रुपयों से कर्जा चुका दिया और अपने परिचितों के खाते में रुपये ट्रांसफर कर द …और पढ़ें
HighLights
- एमपीआरटीसी में घोटाला: पुलिस ने मुख्य आरोपित को कोर्ट पेश कर पांच दिन का रिमांड मांगा
- 512 कर्मचारियों के खाते में आए एरियर के रुपयों में से 49 लाख रुपये परिचितों को ट्रांसफर कर दिए थे
- पुलिस अब तत्कालीन संभागीय प्रबंधक राजेश मीणा की तलाश में छापे मार रही है
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम (एमपीआरटीसी) में हुए 49 लाख रुपये के घोटाले में मास्टर माइंड बाबू मोहम्मद शकील निकला। उसने गबन के रुपयों से कर्जा चुका दिया और लोगों के खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए। पुलिस अब तत्कालीन संभागीय प्रबंधक राजेश मीणा की तलाश में छापे मार रही है।
एमजी रोड़ पुलिस ने प्रभारी संभागीय प्रबंधक अशोकसिंह तोमर की शिकायत पर नौशाद एहमद,वासू श्रीवास्तव, शैली श्रीवास्तव, मुस्कान खान, नीता श्रीवास्तव, रजिया सुल्तान, शाइस्ता खान, फातमा बी, तेहनाज कुरैशी, शमीम कुरैशी, मती इशरत और मुशब्बीर के खिलाफ केस दर्ज किया था।
पुलिस ने शुक्रवार को मास्टर माइंड मोहम्मद शकील को गिरफ्तार किया तो बताया उसने 512 कर्मचारियों के खाते में आए एरियर के रुपयों में 49 लाख रुपये परिचितों को ट्रांसफर कर दिए थे। उसने बताया कि उसके उपर कर्जा था। उसने शासकीय रुपयों से कर्जा चुका दिया। मोहम्मद शकील ने राजेश मीणा से अनुमति और हस्ताक्षर करवाना स्वीकारा है। टीआई विजयसिंह सिसोदिया के मुताबिक पुलिस राजेश की तलाश में बीनागंज गुना गई है।
सीबीआई की रिपोर्ट
आरोपित बैंक अफसर ने धोखाधड़ी से चुकाया गोल्ड लोनपद्मश्री जनक पलटा के साथ हुई 23.47 लाख की धोखाधड़ी के दो आरोपितों ने सीबीआई के समक्ष चौकाने वाला खुलासा किया है। आरोपित तत्कालीन बैंक अफसर दिनेश डोंगरे ने पलटा के खाते से निकाले रुपयों से गोल्ड लोन की राशि जमा कर दी थी। उसके सहयोगी चंदन जीनवाल ने तो आनलान गेमिंग में रुपये गंवा दिए।
पद्मश्री से सम्मानित जनक पलटा का भारतीय स्टेट बैंक(बिचौली मर्दाना) में खाता है। उन्होंने स्पेशल टर्म डिपाजिट (एसटीडीआर) की थी। आरोपित दिनेश डोंगरे ने उनके मोबाइल नंबर बदल कर 23.47 लाख रुपये निकाल लिए। उसमें से 10 लाख रुपये परिचित पंकज जीनवाल के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
सीबीआई ने दोनों आरोपितों 27 अप्रेल को गिरफ्तार कर कोर्ट पेश किया मगर दूसरे दिन जमानत मिल गई। सीबीआइ ने कोर्ट में प्रस्तुत की डायरी में बताया कि डोंगरे एसबीआइ में सीनियर असिस्टेंट के पद पर रह चुका है। उसने रुपयों से गोल्ड लोन चुका दिया था। जीनवाल ने तो आनलाइन गेम में रुपये गंवा दिए।
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