जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। निगम कमिश्नर व प्रमुख जनगणना अधिकारी क्षितिज सिंघल ने कार्य पर उपस्थित नहीं रहने वाले कुल 289 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दरअसल जनगणना कार्य के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बावजूद 1 मईसे लगातार सूचना दिए जाने के बाद भी कई कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए कहा है कि यह मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानों का उल्लंघन है। इस मामले में दोषी पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित कर्मचारियों को नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है। साथ ही जनगणना अधिनियम 1948 की संबंधित धाराओं के तहक FIR दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल ड्यूटी जॉइन करें और अपना संतोषजनक स्पष्टीकरण 4 मई शाम 5.30 बजे तक चार्ज अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा तक जवाब नहीं देने या ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
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