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इंदौर में ‘हीट वेव’ का कहर: लू से बचाने के लिए शहर में 12 हीट स्ट्रोक क्लिनिक शुरू, अस्पतालों में लगे कूलर-पंखे

इंदौर में ‘हीट वेव’ का कहर: लू से बचाने के लिए शहर में 12 हीट स्ट्रोक क्लिनिक शुरू, अस्पतालों में लगे कूलर-पंखे

जलवायु परिवर्तन का मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। वर्तमान में प्रदेश में बढ़ते तापमान के कारण हीट स्ट्रोक के प्रकरणों और उनसे संबंधित मामलों …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 05 May 2026 10:12:10 PM (IST)Updated Date: Tue, 05 May 2026 10:12:09 PM (IST)

इंदौर के अस्पतालों में लगाए गए कूलर-पंखे। (AI से जेनरेट किया गया इमेज)

HighLights

  1. इंदौर में ‘हीट वेव’ के कहर से बचने के लिए अनौखी पहल
  2. लू से बचाने के लिए शहर में 12 हीट स्ट्रोक क्लिनिक शुरू
  3. इंदौर के अस्पतालों में लगाए गए कूलर-पंखे

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जलवायु परिवर्तन का मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। वर्तमान में प्रदेश में बढ़ते तापमान के कारण हीट स्ट्रोक के प्रकरणों और उनसे संबंधित मामलों में वृद्धि देखी गई है। इसी के चलते इंदौर के जिला अस्पताल, सिविल अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लू एवं तापघात से बचाव के लिए, प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष कक्ष बनाए गए हैं।

जिसमें आवश्यक दवाइयों के साथ-साथ ओआरएस के पैकेट, कूलर एवं पंखों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इंदौर में 12 हीट स्ट्रोक क्लिनिक बनाए गए हैं। इसके अलावा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उपस्वास्थ्य केंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ओआरएस कॉर्नर बनाए गए हैं।

तापघात के प्रमुख लक्षण और संकेत

विशेषज्ञों के मुताबिक ग्रीष्म ऋतु में तापमान बढ़ने और गर्म हवा लगने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। वृद्ध, बच्चे, खिलाड़ी और धूप में काम करने वाले श्रमिक सर्वाधिक खतरे में रहते हैं। पसीना न आना, गर्म-लाल एवं शुष्क त्वचा, मतली, सिरदर्द, थकान, चक्कर आना, उल्टियां होना, बेहोश हो जाना एवं पुतलियां छोटी हो जाना अत्यधिक गर्मी से प्रभावित होने व तापघात के प्रमुख लक्षण एवं संकेत हैं।

धूप में निकलने से पहले बरतें सतर्कता

सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी के मुताबिक बाहर निकलना आवश्यक हो तो छतरी व धूप के चश्मे का उपयोग करें। धूप में निकलने से पहले कम से कम दो गिलास पानी अवश्य पिएं। बुखार व तापघात होने पर निकट के अस्पताल में संपर्क कर आवश्यक दवा का उपयोग सुनिश्चित करें। ओआरएस का घोल, नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, फलों का रस आदि का सेवन लाभदायक होता है।

‘बीट द हीट’ (BEAT THE HEAT) रणनीति का करें पालन

गर्मी व तापघात से बचाव के लिए ‘बीट द हीट’ रणनीति का पालन करें-

  • B (Be Hydrate): पानी एवं तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
  • E (Escape Peak Sun Hours): 12 से चार बजे के बीच बाहर जाने से बचें।
  • A (Avoid Overexertion): अधिक भारी कार्य न करें।
  • T (Take Rest): छायादार ठंडी जगहों पर समय-समय पर आराम करें।

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