नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर शहर को लेकर बनाई जा रही मेट्रोपॉलिटन रीजन योजना का दायरा लगातार बढ़ता गया है। पहले जहां योजना इंदौर और आसपास के सीमित क्षेत्र तक थी, वहीं अब इसमें कई नए क्षेत्र और जिले भी शामिल किए गए हैं।
ऐसे में उज्जैन जिले को भी सेंटर में रखते हुए उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन नाम कर दिया गया और बीते माह इसकी अथॉरिटी का गठन भी किया जा चुका है। अब बढ़े क्षेत्र को शामिल कर इंदौर के साथ उज्जैन को सेंटर में रखते हुए नए सिरे से सर्वे शुरू किया जा रहा है। सभी जिलों से डाटा बुलाया जा चुका है। हालांकि अभी भी मेट्रोपॉलिटन रीजन के क्षेत्र का गजट नोटिफिकेशन नहीं हुआ, जबकि एजेंसियां सर्वे कार्य शुरू कर चुकी है।
मेट्रोपॉलिटन रीजन के क्षेत्र का दायरा 6600 वर्ग किमी से शुरू होकर 16087 वर्ग किमी तक पहुंच चुका है। औद्योगिक विकास, सड़क, परिवहन, निवेश योजनाओं और बेहतर आबादी प्रबंधन की प्लानिंग पूरे क्षेत्र में की जाएगी। इससे रीजन में इन योजनाओं का खाका बेहतर और व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा सकेगा।
क्षेत्र को पीएम मित्रा पार्क, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और भोपाल मेट्रोपालिटन रीजन से जोड़ा गया है। इससे पूरे क्षेत्र की समग्र रूप से प्लानिंग तैयार होगी और समग्र रूप से विकास हो सकेगा। योजना में शाजापुर जिले की सभी तहसीलों को शामिल किया गया है। पहले शाजापुर का क्षेत्र कम थी। वहीं रतलाम का क्षेत्र शामिल करने के साथ, धार और उज्जैन का क्षेत्र भी बढ़ाया गया है। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन अथारिटी का गठन होने के बाद बीते माह इंदौर और उज्जैन के अधिकारियों की बैठक हो चुकी है।
उज्जैन शहर की आबादी की बनेगी योजना
अब रीजन के केंद्र में उज्जैन शहर को भी रखने से यहां की करीब 10 लाख आबादी की योजना भी तैयार की जाएगी। पहले योजना के केंद्र में सिर्फ इंदौर था, लेकिन अब उज्जैन शहर भी इसके केंद्र में है। ऐसे में उज्जैन में भी शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस रहेगा। योजना के धरातल पर आने के बाद औद्योगिक निवेश, नई कनेक्टिविटी और राेजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब सर्वे में क्या होगा
मेट्रोपालिटन रीजन में शामिल होने वाले पूरे क्षेत्र का विस्तृत सर्वे किया जाएगा, जिसमें निकायों का डेटा, जनसंख्या, स्थापित उद्योग, भौगोलिक स्थिति और क्षेत्र की विशेषताओं का आंकलन किया जाएगा। इसी आधार पर आगे की विकास योजना तैयार होगी। रीजन का दायरा अब तक पांच बार बढ़ चुका है और आने वाले कुछ महीनों में सिचुएशन एनालिसिस किया जाएगा, जिसके बाद तहसील स्तर पर अलग-अलग स्टडी शुरू होगी। यह प्रोजेक्ट प्रदेश के लिए अहम है, क्योंकि इससे निवेश बढ़ने के साथ आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक और भौगोलिक जरूरतों को समझकर भविष्य की कार्ययोजना तय की जाएगी।
ऐसे बढ़ता गया क्षेत्र
- 2020 में इंदौर, महू और पीथमपुर को जोड़कर महानगर की अवधारणा
- जनवरी 2024 में 6600 वर्ग किमी, इंदौर, धार, देवास और उज्जैन शामिल
- अगस्त 2024 में 8676 वर्ग किमी, देवास, उज्जैन का क्षेत्र का विस्तार
- मई 2025 में 9989.69 वर्ग किमी, शाजापुर का सीमित क्षेत्र शामिल
- दिसंबर 2025 में 14,550 वर्ग किमी, रतलाम और धार क्षेत्र विस्तार
- जनवरी 2026 में 16 हजार वर्ग किमी, शाजापुर की दो तहसीलें शामिल
इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन बना MP का सबसे बड़ा शहरी क्षेत्र, 16 हजार वर्ग किमी के साथ दिल्ली-लखनऊ के बाद देश में तीसरा स्थान
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