नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में डबल डेकर चलाए जाने का सपना साकार होता नजर नहीं आ रहा है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि डबल डेकर बस को खरीदने के लिए कोई भी आपरेटर सामने नहीं आ रहा है।
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ महीनों में तीन बार अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआइसीटीएसएल) द्वारा टेंडर निकाला जा चुका है, लेकिन किसी भी आपरेटर ने बसों को खरीदने में रुचि नहीं दिखाई है। फिलहाल एआइसीटीएसएल ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
अब जिम्मेदार अधिकारी डबल डेकर बस शहर में चल पाएगी या नहीं इसके बारे कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। आने वाले समय में डबल डेकर बस के मामले को बोर्ड की बैठक में रखा जा सकता है। उधर, प्रधानमंत्री योेजना के तहत प्रथम चरण में इंदौर में 40 इलेक्ट्रिक बसें आ चुकी है। 110 बसें और आना बाकी है।
उल्लेखनीय है कि एआइसीटीएसएल ने इंदौर में डबल डेकर बस चलाने की घोषणा की थी। मुंबई से डबल डेकर बस इंदौर बुलवाई गई थी, उसका एक महीने तक सफल ट्रायल हुआ था। उसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपए है। इसके लिए सात ऐसे रूट चिंहित किए गए थे, जहां इन बसों का संचालन सुगमता से हो सकें।
वहीं, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का गठन किया गया है। अब एआइसीटीएसएल का कार्यक्षेत्र अब नगर निगम सीमा से बाहर जाकर संभाग के आठ जिलों तक विस्तारित हो चुका है। इसका संचालन अब परिवहन विभाग के अधीन होगा, जिससे पूरे में यात्री बस सेवा का संचालन किया जाएगा। इंदौर सहित सभी जिलों में इंटर स्टेट, इंट्रा स्टेट, उपनगरीय, ग्रामीण क्षेत्रों और लोक परिवहन सेवाओं का कार्य किया जाएगा। इस योजना के तहत इंदौर संभाग में 1700 से ज्यादा बसें चलाने की तैयारी है।
आगामी बोर्ड बैठक में करेंगे शामिल
एआइसीटीएसएल के सीइओ अर्थ जैन के अनुसार बीते चार अप्रैल को बोर्ड की बैठक हुई थी, लेकिन डबल डेकर के मामले को उसमें नहीं रखा गया था। आगामी बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को शामिल किया जाएगा। हालांकि बोर्ड बैठक में एआइसीटीएसएल ने फैसला किया था कि अब कंपनी स्वयं बसें खरीदेगी और बाद में उन्हें संचालन के लिए आपरेटर को सौंपा जाएगा। इस पर भी कुछ निर्णय अभी तक नहीं हो पाया है।
पहले एआइसीटीएसएल नगर निगम के अंतर्गत आती थी, लेकिन परिवहन के विभाग के तहत आ चुकी है। पूर्व में वित्तीय कमी के चलते डबल डेकर बसों का संचालन नहीं हो पाया था। एआइसीटीएसएल आधिपत्य बदलने के बाद वित्तीय बिंदुओं पर विचार मंथन करना होगा। उसके बाद ही फैसला लिया जाएगा। वहीं, प्रधानमंत्री योेजना के प्रथम चरण के तहत इंदौर में 40 इलेक्ट्रिक बसें आ चुकी है। 110 बसें और आना बाकी है। बसों के लिए नायता मुंडला और देवासनाका पर डिपो बनाए जा रहे है। जैसे ही डिपो तैयार होते जाएंगे वैसे-वैसे बसें आती जाएंगी।
Indore में खतरनाक बसों पर प्रशासन की सख्ती… 11 बसें जब्त और दो के फिटनेस निरस्त, भारी जुर्माना वसूला
Source link
#इदर #म #डबल #डकर #बस #चलन #क #लकर #नह #हआ #नरणय #फलहल #यतरय #क #करन #हग #इतजर



Post Comment