नगर निगम को आशंका है कि लीकेज बड़ा भी हो सकता है। बहते पानी और लीकेज की जानकारी होने के बाद भी निगम सुधार नहीं कर पा रहा है। …और पढ़ें
HighLights
- नगर निगम के हाईड्रेंट पर अब भी भरे जा रहे बिना नंबर और स्टीकर वाले टैंकर
- रात के समय टंकियां भरने के बाद लीकेज से पानी ज्यादा निकलता है
- शट डाउन लिया तो आधे शहर में जल प्रदाय प्रभावित होगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में जल संकट के बीच नौलखा चौराहे पर नर्मदा की बड़ी लाइन लीक हो रही है। काफी दिनों से पानी लीकेज हो रहा है। टंकी भरने के बाद रात में लीकेज से बहने वाले पानी की मात्रा भी बढ़ जाती है।
नगर निगम को आशंका है कि लीकेज बड़ा भी हो सकता है। बहते पानी और लीकेज की जानकारी होने के बाद भी निगम सुधार नहीं कर पा रहा। दरअसल सुधार के लिए शटडाउन लेना पड़ेगा। ऐसा हुआ तो आधे शहर में जल प्रदाय प्रभावित होगा।
बीते सप्ताह ही निगम आयुक्त के साथ जल व्यवस्था के जिम्मेदार अधिकारियों को नर्मदा लाइन के लीकेज की जानकारी मिल चुकी थी। जोन के अधिकारियों ने निगम मुख्यालय में जानकारी दी है कि लीकेज 1700 एमएम डायमीटर वाली मुख्य लाइन में है। रात के समय टंकियां भरने के बाद लीकेज से पानी ज्यादा निकलता है।
निगम जल कार्य समिति के प्रभारी अभिषेक बबलू शर्मा के अनुसार लीकेज का सुधार करना है तो इसके लिए शटडाउन लेना पड़ेगा। कम से कम 24 घंटे का शटडाउन लेना होगा। खोदाई करने के बाद लीकेज का पता चलेगा। सुधार लंबा भी चल सकता है। यदि अभी शटडाउन लिया तो नौलखा से लेकर हीरानगर तक की नर्मदा जलप्रदाय की टंकियां खाली रह जाएगी। करीब 34 टंकियां इस लाइन से जुड़ी है। ऐसे में भीषण गर्मी के दौर में इतना लंबा शटडाउन लेना संभव नहीं है।
हाइड्रेंड पर टैंकरों की मनमानी
नगर निगम के टैंकरों में मनमानी व अव्यवस्था दूर होती नहीं दिख रही। वार्ड 77 बिलावली जीतनगर में बने नगर हाइड्रेंड पर बीते दिनों से लगातार बिना नंबर और निगम के स्टीकर लगे टैंकर भरे जा रहे हैं। एक दिन पहले निगमायुक्त द्वारा चेतावनी देने और दो टैंकरों पर कार्रवाई के बाद भी शुक्रवार को इस हाईड्रेंट पर बिना स्टीकर और नगर निगम लिखे टैंकर भरते देखे गए।
महापौर पहुंचे कंट्रोल रूम
महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं आयुक्त क्षितिज सिंघल ने शुक्रवार को बिजलपुर नर्मदा कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जल कार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू, अपर आयुक्त आशीष पाठक सहित जलप्रदाय विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।उन्होंने कहा कि जहां भी जलापूर्ति संबंधी शिकायतें प्राप्त हों, उनका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई जाए।
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