मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर लगातार चल रहा है, लेकिन इंदौर के निवासियों के लिए पिछले तीन दिनों में पहले की तुलना में गर्मी से थोड़ी राहत महसूस की गई है। इन दिनों शहर का अधिकतम तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही रिकॉर्ड किया जा रहा है। वहीं अगर रात के तापमान की बात करें तो पिछले दो दिनों से यह 27 डिग्री सेल्सियस के करीब बना हुआ है, जो कि सामान्य तापमान से लगभग 2 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया है।
शनिवार सुबह से ही आसमान बिल्कुल साफ बना हुआ है और सुबह के समय गर्मी का असर अपेक्षाकृत कम देखा जा रहा है। वैसे दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे के बीच तेज और तीखी धूप होने के कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही पर इसका सीधा असर देखा जा सकता है। आगामी 25 मई से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार पिछले वर्ष की तुलना में नौतपा के दौरान गर्मी का प्रकोप अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि राहत की बात पूरी तरह यह नहीं है, क्योंकि फिलहाल मौसम में बारिश होने के कोई खास संकेत भी नजर नहीं आ रहे हैं।
इस साल मई का महीना पूरी तरह सूखा, पिछले वर्ष हुई थी रिकॉर्ड वर्षा
पिछले साल मई के महीने में इंदौर में करीब 8 इंच बारिश दर्ज की गई थी, जबकि इस बार स्थिति बिल्कुल उलट है और अब तक एक बूंद भी बारिश नहीं हुई है। मौसम में बड़ा बदलाव लाने वाली प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य तौर पर 20 मई के बाद से सक्रिय होने लगती हैं, लेकिन इस वर्ष फिलहाल ऐसा कोई प्रभावी वेदर सिस्टम बनता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। इसी मुख्य वजह से 8 मई से लगातार शहर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। बीते शुक्रवार को भी इंदौर का अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा।
नौतपा में पारा 39 से 41 डिग्री के बीच रहने का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस बार नौतपा के दौरान तापमान के 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना बेहद कम है। अनुमान लगाया गया है कि इंदौर में अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच ही स्थिर बना रहेगा। इससे शहरवासियों को भीषण लू जैसी गंभीर स्थिति से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। देश में मानसून के मौसम का आधिकारिक आगमन 1 जून से माना जाता है। सामान्य तौर पर मई के अंतिम सप्ताह में कहीं-कहीं हल्की प्री-मानसून बारिश की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस बार पूरा मई का महीना लगभग सूखा गुजरने की आशंका है। आगामी 5 जून के बाद ही आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है और इसके साथ ही बारिश की गतिविधियां शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।
तेज धूप और लू से बचाव के लिए दोपहर में घरों में रहने की सलाह
प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने इस संबंध में बताया कि दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक धूप और गर्मी का सबसे ज्यादा असर रहेगा। ऐसी स्थिति में आम लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और अपने शरीर को पूरी तरह हाइड्रेट रखें। बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े ही पहनें। छोटे बच्चे और बुजुर्ग लोग इस मौसम में अपना खासतौर पर ध्यान रखें।
इंदौर में मई महीने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड और पिछले ट्रेंड
इंदौर में पूर्व के वर्षों में मई के दौरान तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार भी पहुंच चुका है। मौसम विभाग के ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, 31 मई 1994 को यहां रिकॉर्ड 46.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। आमतौर पर मई में मौसम बदलने के साथ बादल छाने और बौछारें पड़ने का चलन रहा है। पिछले साल भी इस दौरान करीब 3 इंच पानी गिरा था। शहर में साल 2014 से 2023 के बीच के दस साल में 9 बार मई के महीने में बारिश दर्ज हो चुकी है, जो इस बार देखने को नहीं मिली है।
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