धार भोजशाला मामले में मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा 15 मई 2026 को सुनाए फैसले के विरुद्ध एक और अपील सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। यह अपील जिब्रान …और पढ़ें
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। धार भोजशाला मामले में मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा 15 मई 2026 को सुनाए फैसले के विरुद्ध एक और अपील सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। यह अपील जिब्रान अंसारी की ओर से प्रस्तुत हुई है। इसमें हाई कोर्ट के फैसले को निरस्त करने और भोजशाला को मस्जिद घोषित करने की मांग की गई है।
तीसरी अपील और सुनवाई का इंतजार
भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाली यह तीसरी अपील है। इसके पहले काजी मोइनुद्दीन और मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी की ओर से अपीलें प्रस्तुत हो चुकी हैं, हालांकि अब तक किसी भी अपील में सुनवाई नहीं हुई है।
हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला और एएसआई का आदेश निरस्त
गौरतलब है कि भोजशाला मामले को लेकर कोर्ट की युगलपीठ द्वारा 15 मई को सुनाए फैसले में कोर्ट ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस और कुलदीप तिवारी की ओर से प्रस्तुत याचिकाओं को स्वीकारते हुए भोजशाला को मंदिर माना है। कोर्ट ने फैसले में 7 अप्रैल 2003 के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया जिसमें मुस्लिम पक्ष को हर शुक्रवार दोपहर एक से तीन बजे के बीच नमाज की अनुमति दी गई थी।
Source link
#धर #भजशल #ममल #हई #करट #क #फसल #क #खलफ #सपरम #करट #म #तसर #अपल #दयर



Post Comment