Indore Accident: इंदौर में दिलीप नगर के पास स्पीड ब्रेकर पर हुई कार भिड़ंत में 3 साल के बच्चे शिवांश की मौत हो गई।
HighLights
- हादसे के समय बच्चा मां के पास आगे की सीट पर खड़ा था
- टक्कर इतनी तेज थी कि बच्चा उछलकर डैशबोर्ड से टकरा गया
- 5 साल पहले शादी के बाद मन्नतों से शिवांश का जन्म हुआ था
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एक मामूली सी चूक ने परिवार की सारी खुशियां पलभर में छीन लीं। शुक्रवार को कार में पूरा परिवार सफर कर रहा था और तीन वर्षीय बच्चा आगे की सीट पर मां के पास खड़ा था। स्पीड ब्रेकर पर आगे चल रही कार के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे चल रही कार उससे टकरा गई। बच्चा पीछे वाली कार में सवार था। टक्कर इतनी तेज थी कि वह उछलकर कार के डैशबोर्ड से जा टकराया।
उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। स्वजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के एयरबैग भी खुल गए। यह भी आशंका जताई जा रही है कि एयरबैग खुलने से भी बच्चे को चोट लगी होगी, जिससे उसकी जान चली गई। हादसा गांधी नगर थाना क्षेत्र के दिलीप नगर का है।
बिंजाना निवासी सतीश राठौर अपनी पत्नी मोना के साथ रिश्तेदार की तेरहवीं में शामिल होने के लिए खेड़ी सिहोद (मानपुर) जा रहे थे। कार सतीश के साढ़ू राकेश सिंह निवासी मुंडला (सांवेर) चला रहे थे। उनकी कार के आगे सफेद रंग की कार (एमपी-09-सीवी-5019) चल रही थी।
आदिनाथ ग्रीन कालोनी के समीप पहुंचने पर आगे चल रही कार ने स्पीड ब्रेकर पर अचानक ब्रेक लगा दिए। राकेश कार नियंत्रित नहीं कर सके और उनकी कार (एमपी-09-बीयू-6030) आगे वाली कार से टकरा गई।
बच्चे के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें
मोना के पास तीन वर्षीय बेटा शिवांश खड़ा होकर खेल रहा था। अचानक ब्रेक लगने और टक्कर के कारण शिवांश उछलकर कार के डैशबोर्ड से टकरा गया। उसके सिर और मुंह पर गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गया। सतीश और राकेश उसे तत्काल एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से डाक्टरों ने उसे एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया। वहां मृत घोषित कर दिया।
मन्नतों से हुआ था शिवांश, चार दिन बाद था जन्मदिन
रिश्तेदार कुलदीप के अनुसार, सतीश खेती करते हैं। उनकी पांच वर्ष पहले मोना से शादी हुई थी। शिवांश का जन्म मन्नतों के बाद हुआ था। पांच अगस्त को उसका जन्मदिन था। सतीश ने बताया कि कार में शिवांश की नानी बिलमबाई और प्रेमबाई भी सवार थीं। अचानक ब्रेक लगने से वे दोनों भी सीट से टकराकर घायल हो गईं। घटना के बाद मोना भी बेहोश हो गई। सतीश भी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थे।
कार में बच्चे हों तो ये सावधानियां जरूरी
- नवजात से दो वर्ष तक के बच्चों के लिए पीछे की सीट पर रियर-फेसिंग चाइल्ड कार सीट का उपयोग करें।
- दो से चार वर्ष तक के बच्चों के लिए फारवर्ड-फेसिंग चाइल्ड कार सीट का इस्तेमाल करें।
- चार वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए बूस्टर सीट का उपयोग करें, ताकि सीट बेल्ट छाती और कंधे पर सही ढंग से फिट हो।
- सामान्य कार सीट बेल्ट वयस्कों के लिए बनाई जाती है। छोटे बच्चों के लिए केवल सीट बेल्ट पर्याप्त नहीं होती।
- दुर्घटना की स्थिति में बच्चों के सिर और गर्दन पर अधिक दबाव पड़ता है। चाइल्ड कार सीट इस खतरे को काफी हद तक कम करती है।
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