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Indore News:कोर्ट ने पूछा जलसंकट रोकने के लिए क्या किया, निगम ने बोला-चैनल साफ की, नोटिस दिए

Indore News:कोर्ट ने पूछा जलसंकट रोकने के लिए क्या किया, निगम ने बोला-चैनल साफ की, नोटिस दिए

इंदौर में गहराते जलसंकट को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है। कोर्ट ने नगर निगम अधिकारियों से पूछा कि जलसंकट दूर करने के लिए अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। निगम अधिकारियों ने जवाब में बताया कि शहर में लोगों को वाटर रिचार्जिंग पिट बनाने के लिए 10 हजार से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा तालाबों की जल आपूर्ति चैनलों की सफाई कराई जा रही है। शहर में 288 रिचार्ज शाफ्ट भी तैयार किए गए हैं।

जलसंकट को लेकर जनहित याचिका राजलक्ष्मी फाउंडेशन द्वारा दायर की गई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अजय बागड़िया ने कोर्ट के समक्ष कहा कि इंदौर में जल प्रबंधन कमजोर है, जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। जल संरक्षण संबंधी नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में भी नगर निगम कमजोर साबित हो रहा है।

नगर निगम की ओर से दावा किया गया कि जल संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या रहती है, उन्हें चिह्नित कर वहां रिचार्ज शाफ्ट बनाए जा चुके हैं। निगम की ओर से कोर्ट में हलफनामा प्रस्तुत कर जल संरक्षण के लिए किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके समर्थन में तस्वीरें भी पेश की गईं। अब अगली सुनवाई में शहर को जलसंकट से बचाने के लिए किए गए कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होगी।

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गौरतलब है कि इंदौर में इस वर्ष जलसंकट गहरा गया है। शहर में नगर निगम लगभग 600 टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद जलसंकट बना हुआ है। इसकी एक प्रमुख वजह निजी बोरवेलों का तेजी से सूखना है। नगर निगम के 10 हजार से अधिक बोरवेलों में से करीब 60 प्रतिशत ने पानी देना बंद कर दिया है। वहीं, पानी वितरित कर रहे टैंकर भी नगर निगम की टंकियों से ही पानी भर रहे हैं। इससे टंकियों के माध्यम से होने वाली नियमित जलापूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

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पेट्रोल से 20 रुपए सस्ता ईंधन आ गया! WagonR और Splendor वालों के लिए बड़ी खुशखबरी<p> <p style="float: left;width:100%;text-align:center"> <p style="position:relative;color: #fff"> <img align="center" alt="E85 ethanol fuel launch India" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/08/full/1780931525-1463.jpg" style="border: 1px solid #DDD;margin-right: 0px;float: none;z-index: 0" title="" width="1200" /></p> </p> <br /> E85 ethanol fuel launch India: भारत सरकार ने विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून 2026) के मौके पर दिल्ली में देश का पहला E-85 ईंधन डिस्पेंसिंग स्टेशन शुरू किया है। यह ईंधन सामान्य E20 पेट्रोल से करीब 20 रुपए प्रति लीटर सस्ता है। दिल्ली में E-85 की कीमत लगभग 82.12 रुपए प्रति लीटर है, जबकि E20 पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपए के आसपास है। </p> <h3> E-85 फ्यूल क्या है?</h3> <p> E-85 में 80-85% एथेनॉल और 15-20% पेट्रोल का मिश्रण होता है। यह उच्च एथेनॉल ब्लेंड वाला ईंधन है, जो भारत के एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को आगे बढ़ाने और तेल आयात कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य 2026 में 500 और 2027 तक करीब 5000 पेट्रोल पंपों पर इसे उपलब्ध कराना है। शुरू में 48 आउटलेट्स पर उपलब्ध है। </p> <p>  </p> <p> <strong>फायदे:</strong></p> <ul> <li> <strong>पर्यावरण अनुकूल : </strong>ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में काफी कमी (कुछ रिपोर्ट्स में 50-60% तक)।</li> <li> किसानों की आय बढ़ेगी (एथेनॉल चीनी मिलों और अनाज से बनता है)।</li> <li> तेल आयात पर निर्भरता घटेगी।</li> </ul> <p> <strong>नुकसान/चुनौती</strong></p> <ul> <li> एथेनॉल की कम ऊर्जा घनत्व के कारण माइलेज 25-30% कम हो सकता है। इसलिए सस्ता दाम माइलेज घटने को कुछ हद तक ऑफसेट करता है, लेकिन हर किलोमीटर का खर्च गणना करके देखना चाहिए। </li> </ul> <p style="float: left;width:100%;text-align:center"> <img align="center" alt="E85 ethanol fuel launch India" class="imgCont" height="1200" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/08/full/1780931734-3592.jpg" style="border: 1px solid #DDD;margin-right: 0px;float: none;z-index: 0" title="" width="875" /></p> <h3> <br /> किस गाड़ी में चलेगा E-85? किसमें नहीं?</h3> <p> <strong>बहुत महत्वपूर्ण :</strong> E-85 सिर्फ फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (Flex Fuel Vehicles – FFV) में ही इस्तेमाल किया जा सकता है। सामान्य पेट्रोल कारों या बाइक्स में डालने से इंजन को नुकसान हो सकता है।</p> <p>  </p> <p> <strong>क्यों? </strong></p> <p> उच्च एथेनॉल सामग्री ईंधन सिस्टम (टैंक, पाइप, इंजेक्टर, सील्स आदि) को प्रभावित कर सकती है। फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों में विशेष सामग्री और इंजन ट्यूनिंग होती है जो E85 (और यहां तक कि E100) को हैंडल कर सके।</p> <p>  </p> <h3> वर्तमान में उपलब्ध/लॉन्च फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (2026 तक)</h3> <ul> <li> मारुति सुजुकी WagonR Flex-Fuel — भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार।</li> <li> हीरो मोटोकॉर्प — Splendor+ Flex Fuel और HF Deluxe Flex Fuel (जुलाई 2026 से उपलब्ध)।</li> <li> अन्य कंपनियां भी फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल लाने की तैयारी कर रही हैं। भविष्य में और मॉडल आएंगे। </li> </ul> <p style="float: left;width:100%;text-align:center"> <img align="center" alt="E85 ethanol fuel launch India" class="imgCont" height="1154" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-06/08/full/1780931624-4919.jpg" style="border: 1px solid #DDD;margin-right: 0px;float: none;z-index: 0" title="" width="800" /></p> <h3> <br /> सामान्य गाड़ियों में नहीं चलेगा</h3> <ul> <li> ज्यादातर मौजूदा पेट्रोल कारें (E20 compliant भी) — E85 डालने से इंजन खराब हो सकता है, वारंटी प्रभावित हो सकती है।</li> <li> पुरानी बाइक्स, स्कूटर्स और ज्यादातर दोपहिया वाहन।</li> <li> डीजल गाड़ियां — बिल्कुल नहीं।</li> </ul> <p> <strong>सलाह : </strong>अगर आपकी गाड़ी फ्लेक्स-फ्यूल नहीं है तो E-85 बिल्कुल न डालें। पंप पर स्पष्ट लेबलिंग होगी।</p> <p>  </p> <h3> क्या E-85 सच में सस्ता पड़ेगा?</h3> <p> कीमत ₹20 कम है, लेकिन माइलेज 25-30% कम होने से प्रति किलोमीटर लागत पर निर्भर करता है। फ्लेक्स-फ्यूल वाहन मालिकों के लिए फायदेमंद हो सकता है, खासकर ज्यादा चलाने वालों के लिए। सरकार ने कीमत इसी को ध्यान में रखकर तय की है। </p> <h3> सरकार की योजनाE20 पहले ही पूरे देश में लागू</h3> <ul> <li> E85 को बढ़ावा देकर कुल एथेनॉल ब्लेंडिंग 2030-31 तक 26% तक ले जाना।</li> <li> फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन।</li> </ul> <p> E-85 भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हरित ईंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन फिलहाल यह सीमित वाहनों के लिए ही उपयोगी है। जैसे-जैसे फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां बढ़ेंगी, इसका फायदा ज्यादा लोगों तक पहुंचेगा। नई गाड़ी खरीदते समय फ्लेक्स-फ्यूल विकल्प जरूर देखें।</p> <p>  </p>

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