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Birthday Special: अमीषा पटेल ने 5 साल की उम्र में ली थी ये ट्रेनिंग, ऐसे मिला बॉलीवुड में मौका   इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्री अमीषा पटेल का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 9 जून 1975 को हुआ था। उनका जन्म गुजरात के बिजनेसमैन अमित पटेल और पंजाबी एनआरआई मां आशा के घर हुआ। आज हम आपको अमीषा पटेल से जुड़ी कुछ बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में आपको शायद ही पाता होगा। परिजनों ने अमीषा को केवल 5 की उम्र में भरतनाट्यम की ट्रेनिंग दिलवाई गई।

अमीषा पटेल के दादाजी पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के करीबी थे। 16 साल की उम्र में अमीषा अपने पिता के साथ सहेली के संगीत में पहुंची थीं। वहां पिता के बोर्डिंग स्कूल के साथी राकेश रोशन भी आए थे। इस दौरान राकेश रोशन ने अमीषा पटेल के पिता से कहा कि था कि मैं अपने बेटे ऋतिक को लॉन्च करूंगा, तो तुम्हारी बेटी को हीरोइन बनाऊंगा।

पिता ने ये कहकर इंकार कर दिया कि वो तो पढ़ाई के लिए बॉस्टन जा रही है। फिल्मों में काम करने का तो सवाल ही नहीं उठता। हालांकि बाद में ऋतिक फिल्म कहो न प्यार है से ही उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर अपनी विशेष पहचान बनाई।

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Birthday Special: अमीषा पटेल ने 5 साल की उम्र में ली थी ये ट्रेनिंग, ऐसे मिला बॉलीवुड में मौका

Birthday Special: अमीषा पटेल ने 5 साल की उम्र में ली थी ये ट्रेनिंग, ऐसे मिला बॉलीवुड में मौका   इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्री अमीषा पटेल का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 9 जून 1975 को हुआ था। उनका जन्म गुजरात के बिजनेसमैन अमित पटेल और पंजाबी एनआरआई मां आशा के घर हुआ। आज हम आपको अमीषा पटेल से जुड़ी कुछ बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में आपको शायद ही पाता होगा। परिजनों ने अमीषा को केवल 5 की उम्र में भरतनाट्यम की ट्रेनिंग दिलवाई गई।

अमीषा पटेल के दादाजी पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के करीबी थे। 16 साल की उम्र में अमीषा अपने पिता के साथ सहेली के संगीत में पहुंची थीं। वहां पिता के बोर्डिंग स्कूल के साथी राकेश रोशन भी आए थे। इस दौरान राकेश रोशन ने अमीषा पटेल के पिता से कहा कि था कि मैं अपने बेटे ऋतिक को लॉन्च करूंगा, तो तुम्हारी बेटी को हीरोइन बनाऊंगा।

पिता ने ये कहकर इंकार कर दिया कि वो तो पढ़ाई के लिए बॉस्टन जा रही है। फिल्मों में काम करने का तो सवाल ही नहीं उठता। हालांकि बाद में ऋतिक फिल्म कहो न प्यार है से ही उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर अपनी विशेष पहचान बनाई।

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इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्री अमीषा पटेल का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 9 जून 1975 को हुआ था। उनका जन्म गुजरात के बिजनेसमैन अमित पटेल और पंजाबी एनआरआई मां आशा के घर हुआ। आज हम आपको अमीषा पटेल से जुड़ी कुछ बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में आपको शायद ही पाता होगा। परिजनों ने अमीषा को केवल 5 की उम्र में भरतनाट्यम की ट्रेनिंग दिलवाई गई।

अमीषा पटेल के दादाजी पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के करीबी थे। 16 साल की उम्र में अमीषा अपने पिता के साथ सहेली के संगीत में पहुंची थीं। वहां पिता के बोर्डिंग स्कूल के साथी राकेश रोशन भी आए थे। इस दौरान राकेश रोशन ने अमीषा पटेल के पिता से कहा कि था कि मैं अपने बेटे ऋतिक को लॉन्च करूंगा, तो तुम्हारी बेटी को हीरोइन बनाऊंगा।

पिता ने ये कहकर इंकार कर दिया कि वो तो पढ़ाई के लिए बॉस्टन जा रही है। फिल्मों में काम करने का तो सवाल ही नहीं उठता। हालांकि बाद में ऋतिक फिल्म कहो न प्यार है से ही उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर अपनी विशेष पहचान बनाई।

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इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्री अमीषा पटेल का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 9 जून 1975 को हुआ था। उनका जन्म गुजरात के बिजनेसमैन अमित पटेल और पंजाबी एनआरआई मां आशा के घर हुआ। आज हम आपको अमीषा पटेल से जुड़ी कुछ बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में आपको शायद ही पाता होगा। परिजनों ने अमीषा को केवल 5 की उम्र में भरतनाट्यम की ट्रेनिंग दिलवाई गई।

अमीषा पटेल के दादाजी पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के करीबी थे। 16 साल की उम्र में अमीषा अपने पिता के साथ सहेली के संगीत में पहुंची थीं। वहां पिता के बोर्डिंग स्कूल के साथी राकेश रोशन भी आए थे। इस दौरान राकेश रोशन ने अमीषा पटेल के पिता से कहा कि था कि मैं अपने बेटे ऋतिक को लॉन्च करूंगा, तो तुम्हारी बेटी को हीरोइन बनाऊंगा।

पिता ने ये कहकर इंकार कर दिया कि वो तो पढ़ाई के लिए बॉस्टन जा रही है। फिल्मों में काम करने का तो सवाल ही नहीं उठता। हालांकि बाद में ऋतिक फिल्म कहो न प्यार है से ही उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर अपनी विशेष पहचान बनाई।

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एक दर्दनाक हादसा, ज़िंदगी बदल देने वाला राज़ और सात साल का लीप जो सबकुछ बदल देगा। स्टार प्लस का लोकप्रिय शो 'उड़ने की आशा' अब अपनी कहानी के सबसे भावनात्मक मोड़ में प्रवेश करने जा रहा है। सायली और रोशनी की प्रेग्नेंसी के दौरान एक मेडिकल इमरजेंसी के कारण जन्म के समय बच्चों की अदला-बदली हो जाती है। सायली और सचिन को लगता है कि उनका बच्चा अब इस दुनिया में नहीं है, जबकि उन्हें यह नहीं पता कि उनका बेटा ज़िंदा है और रोशनी व तेजस उसे अपना बेटा बनाकर पाल रहे हैं।

मजबूरी में सचिन और सायली अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ जाते हैं। सात साल बाद दोनों गणपतिपुले में अपनी बेटी पूर्णा के साथ नई ज़िंदगी बसा चुके हैं। लेकिन जैसे-जैसे कहानी बच्चों के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है, पुराने राज़ और छिपे हुए सच सामने आने लगते हैं। प्यार, बिछड़न, परिवार और कई भावनात्मक उतार-चढ़ाव से भरा यह नया अध्याय दर्शकों को बांधे रखेगा। 15 जुलाई से देखिए किस्मत सचिन और सायली के लिए आगे क्या लेकर आती है।

आने वाले ट्रैक के बारे में बात करते हुए नेहा हरसोरा ने कहा, "जब मैंने पहली बार इस लीप के बारे में सुना, तो मैं सच में भावुक हो गई क्योंकि इसने मुझे एहसास दिलाया कि ज़िंदगी कितनी अनिश्चित होती है। हम सभी अपनी ज़िंदगी के लिए कुछ सपने देखते हैं, लेकिन कई बार किस्मत कुछ और ही तय कर चुकी होती है। सायली की सात साल बाद की कहानी पढ़ते हुए मुझे यही महसूस हुआ।

एक तरफ मैं बहुत उत्साहित थी क्योंकि हर कलाकार अपने किरदार के नए सफर को निभाने का इंतज़ार करता है। लेकिन दूसरी तरफ मैं बार-बार सोच रही थी कि सायली ने अपनी ज़िंदगी में कितना कुछ सहा है और फिर भी आगे बढ़ने की ताकत कैसे जुटाई। इन दृश्यों की शूटिंग के दौरान कई पल ऐसे थे जो कैमरा बंद होने के बाद भी मेरे साथ रहे, क्योंकि हर भावना बहुत सच्ची लग रही थी।

सेट पर बच्चे मुझे अपना बचपन याद दिलाते हैं—उनकी मस्ती, उनकी शरारतें और वो खूबसूरत पल। यह नया ट्रैक भावनाओं से भरा है, अप्रत्याशित है और दर्शकों को सायली का एक बिल्कुल नया रूप देखने को मिलेगा। मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूँ कि दर्शक इस नए सफर का हिस्सा बनें।" देखिए 'उड़ने की आशा', हर रोज़ रात 8:30 बजे सिर्फ स्टार प्लस पर और कभी भी स्ट्रीम करें जियोहॉटस्टार पर।

Neha Harsora,Udne Ki Aasha, childhood">‘उड़ने की आशा’ के 7 साल के लीप पर नेहा हरसोरा, कहा-सेट पर बच्चे मुझे अपना बचपन याद दिलाते हैं   एक दर्दनाक हादसा, ज़िंदगी बदल देने वाला राज़ और सात साल का लीप जो सबकुछ बदल देगा। स्टार प्लस का लोकप्रिय शो 'उड़ने की आशा' अब अपनी कहानी के सबसे भावनात्मक मोड़ में प्रवेश करने जा रहा है। सायली और रोशनी की प्रेग्नेंसी के दौरान एक मेडिकल इमरजेंसी के कारण जन्म के समय बच्चों की अदला-बदली हो जाती है। सायली और सचिन को लगता है कि उनका बच्चा अब इस दुनिया में नहीं है, जबकि उन्हें यह नहीं पता कि उनका बेटा ज़िंदा है और रोशनी व तेजस उसे अपना बेटा बनाकर पाल रहे हैं।



मजबूरी में सचिन और सायली अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ जाते हैं। सात साल बाद दोनों गणपतिपुले में अपनी बेटी पूर्णा के साथ नई ज़िंदगी बसा चुके हैं। लेकिन जैसे-जैसे कहानी बच्चों के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है, पुराने राज़ और छिपे हुए सच सामने आने लगते हैं। प्यार, बिछड़न, परिवार और कई भावनात्मक उतार-चढ़ाव से भरा यह नया अध्याय दर्शकों को बांधे रखेगा। 15 जुलाई से देखिए किस्मत सचिन और सायली के लिए आगे क्या लेकर आती है।

आने वाले ट्रैक के बारे में बात करते हुए नेहा हरसोरा ने कहा, "जब मैंने पहली बार इस लीप के बारे में सुना, तो मैं सच में भावुक हो गई क्योंकि इसने मुझे एहसास दिलाया कि ज़िंदगी कितनी अनिश्चित होती है। हम सभी अपनी ज़िंदगी के लिए कुछ सपने देखते हैं, लेकिन कई बार किस्मत कुछ और ही तय कर चुकी होती है। सायली की सात साल बाद की कहानी पढ़ते हुए मुझे यही महसूस हुआ।



एक तरफ मैं बहुत उत्साहित थी क्योंकि हर कलाकार अपने किरदार के नए सफर को निभाने का इंतज़ार करता है। लेकिन दूसरी तरफ मैं बार-बार सोच रही थी कि सायली ने अपनी ज़िंदगी में कितना कुछ सहा है और फिर भी आगे बढ़ने की ताकत कैसे जुटाई। इन दृश्यों की शूटिंग के दौरान कई पल ऐसे थे जो कैमरा बंद होने के बाद भी मेरे साथ रहे, क्योंकि हर भावना बहुत सच्ची लग रही थी।

सेट पर बच्चे मुझे अपना बचपन याद दिलाते हैं—उनकी मस्ती, उनकी शरारतें और वो खूबसूरत पल। यह नया ट्रैक भावनाओं से भरा है, अप्रत्याशित है और दर्शकों को सायली का एक बिल्कुल नया रूप देखने को मिलेगा। मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूँ कि दर्शक इस नए सफर का हिस्सा बनें।" देखिए 'उड़ने की आशा', हर रोज़ रात 8:30 बजे सिर्फ स्टार प्लस पर और कभी भी स्ट्रीम करें जियोहॉटस्टार पर।Neha Harsora,Udne Ki Aasha, childhood

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