कालादेव घाट मार्ग पर 9 जून की रात करीब पांच वर्षीय नर तेंदुआ सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया था। वही 13 जून की …और पढ़ें
HighLights
- पामाखेड़ी के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से तेंदुए की मौत, वाहन की तलाश जारी
- वन परिक्षेत्र में महज पांच दिनों के भीतर सड़क दुर्घटना में तेंदुए की मौत की यह दूसरी घटना है
- इस घटना से वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। जिले के चांदगढ़ वन परिक्षेत्र में शनिवार रात फिर एक तेंदुए की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। देर रात सड़क पार करते समय किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। घटना के बाद वन विभाग ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
खास बात यह है कि चांदगढ़ वन परिक्षेत्र में महज पांच दिनों के भीतर सड़क दुर्घटना में तेंदुए की मौत की यह दूसरी घटना है, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
पानी के लिए भटकने से हादसे की आशंका
चांदगढ़ वन परिक्षेत्र में कालादेव घाट मार्ग पर 9 जून की रात करीब पांच वर्षीय नर तेंदुआ सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया था। वही 13 जून की रात करीब डेढ़ वर्षीय मादा तेंदुए की पामाखेड़ी के निकट हनुमान मंदिर से कुछ दूर अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से मौत हो गई। बताया जाता है कि इन दोनो स्थानों के आसपास पानी पीने के लिए वन्य प्राणियों की चहलपहल रात में बनी रहती है। ऐसे में यहां से भोपाल आवाजाही करने वाले तेज रफ्तार वाहनों से वन्य प्राणी हादसे के शिकार हो रहे है। इस क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों का अभाव होने से वाहनों की पहचान भी नहीं हो पाती है।
रात्रि गस्त कर रही टीम को मृत मिला तेंदुआ
घटना रात 11:30 बजे के बाद कि बताई जा रही है। चांदगढ़ क्षेत्र में रात को ग्रस्त कर रही वन विभाग की टीम को सड़क पर तेंदुआ मृत मिलने पर इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। रात में रेंजर मोहन मंडलोई और एसडीओ ने घटनास्थल पर पहुंच कर मौके का निरीक्षण किया। सुबह डीएफओ सामान्य राकेश डामोर और सीएफ वासु कनोजिया ने भी जायजा लिया। इंदौर से डॉग और विशेषज्ञ की टीम ने पहुंचकर जांच की। तेंदुए के शव का चिकित्सको की पैनल द्वारा पोस्टमार्टम उपरांत शेड्यूल वन के वन्य प्राणी के प्रावधान अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में दाह संस्कार किया गया। वन विभाग द्वारा दुर्घटना के कारणों और वाहन की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
पांच दिन में दूसरी मौत, बढ़ी चिंता
चांदगढ़ वन परिक्षेत्र में पांच दिनों के भीतर सड़क दुर्घटना में तेंदुए की मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 9 जून को भी एक तेंदुआ वाहन की चपेट में आ गया था। उस मामले में अब तक दुर्घटना करने वाले वाहन और चालक का पता नहीं चल पाया है। ऐसे में पांच दिन के भीतर दूसरी घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर विभाग की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
वन्यजीवों की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
प्रस्तावित ओंकारेश्वर अभ्यारण क्षेत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कालादेव घाट और आसपास का क्षेत्र वन्यजीवों की आवाजाही का प्रमुख कारिडोर माना जाता है, बावजूद इसके वाहनों की गति नियंत्रित करने और वन्यजीवों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने के प्रभावी इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। क्षेत्र में चेतावनी संकेतक, स्पीड कंट्रोल उपाय और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठने लगी है।
हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम की जरूरत
नर्मदा नगर -भोपाल राजमार्ग पर रात में बड़ी संख्या में सब्जी व फलों के लोडिंग वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। मंडी समय पर पहुंचने के लिए वाहन तेज गति से दौड़ाते है। मार्ग पर कई अंधे मोड़ होने से दुर्घटनाएं सामने आ रही है। इसे देखते हुए अंधे मोड़ के आसपास और जल स्रोतों के निकट सड़क के दोनों और तार की जाली लगाकर बेरिकेडिंग से वन्य प्राणियों की मौत रोकी जा सकती है। वही रात में कानवे के रूप में एक साथ छोड़ने की व्यवस्था पर भी अमल किया जा सकता है।
आवश्यक कदम उठाए जाएंगे
पांच दिन में सड़क दुर्घटना में दो तेंदुओं की मौत को देखते हुए वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। रात में गस्त बढ़ाई जाएगी। शासन को अंधे मोड़ पर बेरिकेडिंग का प्रस्ताव भेजा जाएगा। -वासु कनोजिया, सीएफ खंडवा
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