इंदौर लोकायुक्त ने खाद्य विभाग के एक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता प्रमोद दुबे ने लोकायुक्त को बताया कि वह ग्रामीण क्षेत्र में गैस वितरण एजेंसी संचालित करते हैं। उनके अनुसार खाद्य विभाग के अधिकारी लंबे समय से उनसे पैसों की मांग कर रहे थे।
प्रमोद दुबे ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की शादी के दौरान खाद्य विभाग के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा और अन्य कर्मचारी उनकी एजेंसी पर पहुंचे। अधिकारियों ने एजेंसी पर गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूलने के आरोप लगाते हुए पंचनामा बनाया तथा एजेंसी सील करने की धमकी दी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक एजेंसी सील नहीं करने के बदले अधिकारियों ने लाखों रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में समझौते के तहत उन्होंने एक लाख रुपये की पहली किस्त दे दी, जबकि 50 हजार रुपये बाद में देने की बात तय हुई। आरोप है कि शेष राशि नहीं देने पर राहुल शर्मा ने दोबारा दबाव बनाना और कार्रवाई की धमकी देना शुरू कर दिया।
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इसके बाद प्रमोद दुबे ने पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त से की। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई की। फरियादी को 20 हजार रुपये देकर आरोपी तक पहुंचाया गया। फरियादी ने राहुल शर्मा को बताया कि वह कलेक्टर कार्यालय के बाहर राशि लेकर खड़ा है। इस पर राहुल शर्मा ने अपने कथित सहयोगी रामू को रुपये लेने के लिए भेजा।
जैसे ही रामू ने 20 हजार रुपये लिए, लोकायुक्त टीम ने उसे ट्रैप कर लिया। जांच में राहुल शर्मा की भूमिका सामने आने पर लोकायुक्त ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। राहुल शर्मा खाद्य विभाग में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं।
लोकायुक्त अब पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। शिकायतकर्ता प्रमोद दुबे का आरोप है कि खाद्य विभाग के कुछ अधिकारी सीलिंग कार्रवाई की धमकी देकर लंबे समय से उनसे लाखों रुपये वसूल चुके हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
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