भास्कर संवाददाता | उज्जैन नगर निगम के तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर के दूसरे दिन की व्यवस्था तय नियमों पर खरी नहीं उतरी। नगर निगम और जोन कार्यालयों में सुबह 10 से शाम 6 बजे तक चलने वाले इस शिविर में कुल 24 विभागों की उपस्थिति होना थी, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे पहुंचे भास्कर रिपोर्टर को कई महत्वपूर्ण विभागों की कुर्सियां खाली मिली। शिविर में राजस्व, पशुपालन, कृषि और ऊर्जा विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों के प्रतिनिधि मौके पर मौजूद नहीं थे। कई कुर्सियां लंबे समय तक खाली रही, जिससे आमजन को संबंधित सेवाओं के लिए भटकना पड़ा। दूसरी ओर कुछ विभागों ने महाराणा प्रताप जयंती के अवकाश के बावजूद अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए काम जारी रखा। इनमें नगर निगम का शिल्पज्ञ विभाग, पीएचई विभाग, कन्या विवाह योजना, जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वास्थ्य विभाग आदि के प्रतिनिधि शामिल रहे। इन विभागों में लोगों के आवेदन भी लिए गए और प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई गईं। शिविर के दौरान लगभग 2500 आवेदन आए। नगर निगम मुख्य कार्यालय की तुलना में जोन कार्यालयों की स्थिति और कमजोर रही। यहां कुछ ही गिने-चुने विभाग उपस्थित थे, जिसके कारण भीड़ अपेक्षाकृत कम रही और कई लोग निराश होकर लौटते दिखे।
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