स्कूल खुल चुके हैं, लेकिन छात्र गायब हैं। औसत हाजिरी इन दिनों 30% तक है। यही स्थिति प्राइमरी-मिडिल छात्रों की दूसरा अवसर परीक्षा का है। 4 दिन से इनमें भी 42% छात्र पहुंच रहे हैं। मतलब 58% गैर हाजिर। ऐसा क्यों ? इसका उत्तर न तो अफसरों के पास नहीं है। दोनों यही कह रहे हैं कि हमने तो बहुत प्रयास किए पर क्या करें? बच्चे आ नहीं रहे हैं। जिले के 1,469 सरकारी प्राइमरी-मिडिल स्कूलों के फेल छात्रों के लिए दूसरे अवसर की परीक्षा 16 जून से प्रदेशभर प्रारंभ हो चुकी है। शनिवार तक 4 विषयों के पेपर हो चुके हैं। इस बार औसत 58% छात्र गैर हाजिर बने हुए हैं। सिर्फ 42% छात्र ही परीक्षा देने आ रहे हैं। ऐसा क्यों हो रहा है? इसका उत्तर शिक्षक गर्मी और गलत टाइमिंग को बता रहे हैं। जिले में प्राइमरी व मिडिल की स्थिति प्रदेश में यह है स्थिति: राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल के अनुसार प्रदेश स्तर पर कक्षा 5वीं-8वीं की परीक्षा में 57,013 स्कूलों के 1,67,005 छात्र परीक्षा को शामिल होना था, लेकिन सिर्फ 51,118 छात्र परीक्षा देने आ रहे हैं। प्रदेश में औसत 32% विद्यार्थी परीक्षा देने आ रहे हैं। आगे क्या: ड्राप बॉक्स में बढ़ेंगे छात्र: अभी ड्राप बॉक्स छात्रों की संख्या जिले में 27,118 हैं। इनमें 13, 649 कक्षा 9 से 12 के बीच के हैं। 13,469 कक्षा 1 से 8वीं के विद्यार्थी हैं। इन्हें मौजूदा शिक्षण सत्र में स्कूलों में वापस लाने का टास्क शिक्षकों को मिला है। 5वीं-8वीं परीक्षा की मौजूदा स्थिति से ड्रॉप बॉक्स में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी। विस्तृत चर्चा के बाद कारण पता चलेगा इस मामले में ऐसा क्यों हो रहा है? यह विस्तृत चर्चा के बाद ही पता चलेगा। ऐसा लगता है जो बच्चे मुख्य परीक्षा में नहीं थे, वे ही नहीं आ रहे हैं। यह भी संभव है कि कामकाजी परिवारों के बच्चे बाहर चले गए हों। -रवींद्र सिंह तोमर, डीपीसी
#य #कस #परकष #छतर #गर #हजर #करण #अजञत #Gwalior #News



Post Comment