राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दूसरी सबसे बड़ी मानी जाने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक नवंबर में इंदौर में होने जा रही है। इसमें संघ प्रमुख डॉ. मोह…और पढ़ें
HighLights
- संघ की दूसरी सबसे बड़ी मानी जाने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक नवंबर में होगी
- संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, भैयाजी जोशी, सुरेश सोनी भी शामिल होंगे
- केंद्रीय कार्यकारिणी, क्षेत्रों के पदाधिकारी व सभी प्रांतों के प्रचारक भी शामिल होंगे
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दूसरी सबसे बड़ी मानी जाने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक नवंबर में इंदौर में होने जा रही है। इसमें संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, भैयाजी जोशी, सुरेश सोनी के साथ ही केंद्रीय कार्यकारिणी, क्षेत्रों के पदाधिकारी व सभी प्रांतों के प्रचारक भी शामिल होंगे।
बैठक में सघ सबसे महत्वपूर्ण निर्णय ले सकता है। इसमें संघ अपनी प्रांत रचना खत्म कर प्रदेश व संभाग रचना लागू करेगा। यानी प्रांत व्यवस्था के बजाय अब संघ की भी प्रदेश टीम होगी। इसके साथ ही हर संभाग की एक टीम बनेगी। संघ देशभर में यही फॉर्मूला लागू करने पर काम कर रहा है। व्यवस्था कब से व कैसे लागू की जाएगी, इसी पर चर्चा होगी।
पांच दिनी बैठक होगी, तीन दिन यहीं रहेंगे राष्ट्रीय पदाधिकारी
करीब पांच दिन चलने वाली इस बैठक में तीन दिन तक राष्ट्रीय पदाधिकारी यहीं मौजूद रहेंगे। पता चला है कि मध्य प्रदेश में भी तीनों प्रांत की व्यवस्था खत्म कर प्रदेश रचना के आधार पर संघ कार्य होंगे। इसके अलावा दस संभाग व्यवस्था रहेगी। इसकी भी पूरी टीम बनेगी। बैठक में संघ कई सारे विषयों पर ने केवल चर्चा करेगा, बल्कि अहम निर्णय भी लिए जाएंगे। बैठक में डॉ. भागवत का संबोधन भी होगा। बैठक के दौरान वार्षिक कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी।
स्थान चयन जल्द, स्वयंसेवकों के हाथों में रहेंगी सारी व्यवस्थाएं
बताते हैं कि बैठक के लिए स्थान चयन पर चर्चा चल रही है। चार-पांच स्थानों में से एक पर अंतिम निर्णय होगा। बैठक में संघ के वर्तमान स्वरूप में बदलाव पर मुहर लगने के साथ ही पदाधिकारियों की जिम्मेदारी में बदलाव पर भी चर्चा होगी। संघ की साल में दो बड़ी बैठकें होती हैं। इनमें एक अभा प्रतिनिधि सभा होती है, जो मार्च में आयोजित की जाती है। वह संघ की सबसे बड़ी सालाना बैठक मानी जाती है, जबकि दूसरी सबसे बड़ी बैठक अभा कार्यकारी मंडल की होती है।
टीम छोटी रहेगी, लेकिन ज्यादा लोगों को मिलेगी जवाबदारी
नई रचना के तहत प्रदेश की जो टीम बनेगी, वह अपेक्षाकृत छोटी रहने वाली है, लेकिन नई व्यवस्था में संघ के ज्यादा से ज्यादा स्वयंसेवकों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। अभी प्रदेश में तीन प्रमुख लोगों के जिम्मेदारी है। इसमें मालवा प्रांत के प्रांत प्रचारक राजमोहन है। वहीं, महाकौशल के ब्रजमोहन और मध्यभारत प्रांत के प्रचारक विमल गुप्ता हैं। भविष्य में इनकी जिम्मेदारियों में भी बदलाव संभव है, क्योंकि नई व्यवस्था में संभाग स्तर पर भी पदाधिकारी बनेंगे और पूरी कार्यकारिणी बनेगी।
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