इंदौर की डायमंड कॉलोनी में हुए विवाद और पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार को जमीन खरीदने वाली फर्म के कर्ताधर्ता प्रतीक संघवी से भी पूछताछ की।
करीब आठ घंटे तक चली पूछताछ में पुलिस ने उनसे 100 से अधिक सवाल पूछे और शाम को उन्हें छोड़ दिया। पुलिस ने उनसे पूछा कि जमीन की निगरानी की जिम्मेदारी किन लोगों को दी गई थी और जिस समय विवाद हुआ, उस दौरान उनकी क्या भूमिका थी।
प्रतीक संघवी और उनकी मां जयश्री संघवी संयम इंफ्रा के डायरेक्टर हैं। इस फर्म ने डायमंड कॉलोनी की सात एकड़ जमीन खरीदी है, लेकिन जमीन के कुछ हिस्से पर कब्जे को लेकर पिछले दस वर्षों से विवाद चल रहा है। 21 जून को हुए विवाद के मामले में कनाड़िया थाना के जांच अधिकारी और डीसीपी अमन सिंह राठौर ने प्रतीक संघवी से पूछताछ की। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोपी मोहसिन को लेकर भी कई सवाल पूछे।
आठ घंटे तक चली पूछताछ के बाद प्रतीक को छोड़ दिया गया, हालांकि पुलिस ने कहा कि उन्हें दोबारा भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। इस फर्म के डायरेक्टरों में स्वर्गीय सुरेंद्र संघवी, प्रतीक संघवी, जयश्री संघवी और दिलीप सिसौदिया शामिल हैं।
सुरेंद्र संघवी का निधन हो चुका है। तीन साल पहले इंदौर में चले भूमाफिया अभियान के दौरान सुरेंद्र संघवी और प्रतीक संघवी के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ था। मंगलवार को जब प्रतीक को थाने बुलाया गया तो उनके साथ उनके चाचा और भाजपा नेता पंकज संघवी भी पहुंचे। पंकज पहले कांग्रेस में थे और कांग्रेस के टिकट पर सांसद, महापौर तथा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-5 से उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। दो साल पहले उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
Source link
#Indore #News #पच #स #करड #क #जमन #ममल #म #परतक #सघव #स #आठ #घट #पछतछ



Post Comment