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कतर्नियाघाट में इको-टूरिज्म को मिली नई उड़ान, 2025-26 में 12 हजार से ज्यादा पर्यटक पहुंचे, 24 लाख रुपए से अधिक का राजस्व
	
		
			
	
	योगी सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों पर इसका सकारात्मक असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, बेहतर प्रबंधन और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के चलते कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
	
	पर्यटन सत्र 2025-26 के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि प्रदेश में प्रकृति आधारित पर्यटन को नई पहचान मिल रही है और पर्यटकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। पर्यटन सत्र 2025-26 में 12 हजार से अधिक पर्यटकों ने कतर्नियाघाट का भ्रमण किया।

	 

	 

	24 लाख से अधिक का प्राप्त हुआ राजस्व

	कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार की बात करें तो पर्यटन सत्र 2025-26 (नवंबर से जून) के दौरान 12,298 भारतीय तथा 33 विदेशी पर्यटकों ने भ्रमण किया। इस अवधि में विभाग को 24 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पर्यटन गतिविधियों में बढ़ती रुचि का संकेत है।

	 

	जनवरी में आए सर्वाधिक पर्यटक 

	पर्यटकों की दृष्टि से जनवरी सबसे व्यस्त महीना रहा। इस महीने में सर्वाधिक 2,980 भारतीय पर्यटक कतर्नियाघाट पहुंचे। राजस्व के लिहाज से नवंबर 2025 सबसे सफल महीना साबित हुआ। इस दौरान 4,78,484 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पूरे सत्र में सर्वाधिक रहा। दूसरी ओर फरवरी 2026 में 701 पर्यटकों का आगमन हुआ और 1,33,494 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। पर्यटन सत्र के आखिरी महीने जून में 1,694  पर्यटक यहां घूमने आए। 

	 

	कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार का विवरण

	माह       पर्यटक     राजस्व 

	नवंबर    1047      478484 रुपये

	दिसंबर   1944        375469 रुपये

	जनवरी   2980      421977 रुपये

	फरवरी   701       133494 रुपये

	मार्च    1729         295784 रुपये

	अप्रैल   887          194144 रुपये

	मई    1349            204245 रुपये

	जून   1694           296740 रुपये 

	 

	कुल योग

	12331 पर्यटक    2400337 रुपये

कतर्नियाघाट में इको-टूरिज्म को मिली नई उड़ान, 2025-26 में 12 हजार से ज्यादा पर्यटक पहुंचे, 24 लाख रुपए से अधिक का राजस्व

कतर्नियाघाट में इको-टूरिज्म को मिली नई उड़ान, 2025-26 में 12 हजार से ज्यादा पर्यटक पहुंचे, 24 लाख रुपए से अधिक का राजस्व
	
		
			
	
	योगी सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों पर इसका सकारात्मक असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, बेहतर प्रबंधन और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के चलते कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
	
	पर्यटन सत्र 2025-26 के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि प्रदेश में प्रकृति आधारित पर्यटन को नई पहचान मिल रही है और पर्यटकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। पर्यटन सत्र 2025-26 में 12 हजार से अधिक पर्यटकों ने कतर्नियाघाट का भ्रमण किया।

	 

	 

	24 लाख से अधिक का प्राप्त हुआ राजस्व

	कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार की बात करें तो पर्यटन सत्र 2025-26 (नवंबर से जून) के दौरान 12,298 भारतीय तथा 33 विदेशी पर्यटकों ने भ्रमण किया। इस अवधि में विभाग को 24 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पर्यटन गतिविधियों में बढ़ती रुचि का संकेत है।

	 

	जनवरी में आए सर्वाधिक पर्यटक 

	पर्यटकों की दृष्टि से जनवरी सबसे व्यस्त महीना रहा। इस महीने में सर्वाधिक 2,980 भारतीय पर्यटक कतर्नियाघाट पहुंचे। राजस्व के लिहाज से नवंबर 2025 सबसे सफल महीना साबित हुआ। इस दौरान 4,78,484 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पूरे सत्र में सर्वाधिक रहा। दूसरी ओर फरवरी 2026 में 701 पर्यटकों का आगमन हुआ और 1,33,494 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। पर्यटन सत्र के आखिरी महीने जून में 1,694  पर्यटक यहां घूमने आए। 

	 

	कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार का विवरण

	माह       पर्यटक     राजस्व 

	नवंबर    1047      478484 रुपये

	दिसंबर   1944        375469 रुपये

	जनवरी   2980      421977 रुपये

	फरवरी   701       133494 रुपये

	मार्च    1729         295784 रुपये

	अप्रैल   887          194144 रुपये

	मई    1349            204245 रुपये

	जून   1694           296740 रुपये 

	 

	कुल योग

	12331 पर्यटक    2400337 रुपये

योगी सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों पर इसका सकारात्मक असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, बेहतर प्रबंधन और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के चलते कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

पर्यटन सत्र 2025-26 के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि प्रदेश में प्रकृति आधारित पर्यटन को नई पहचान मिल रही है और पर्यटकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। पर्यटन सत्र 2025-26 में 12 हजार से अधिक पर्यटकों ने कतर्नियाघाट का भ्रमण किया।

 

 

24 लाख से अधिक का प्राप्त हुआ राजस्व

कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार की बात करें तो पर्यटन सत्र 2025-26 (नवंबर से जून) के दौरान 12,298 भारतीय तथा 33 विदेशी पर्यटकों ने भ्रमण किया। इस अवधि में विभाग को 24 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पर्यटन गतिविधियों में बढ़ती रुचि का संकेत है।

 

जनवरी में आए सर्वाधिक पर्यटक 

पर्यटकों की दृष्टि से जनवरी सबसे व्यस्त महीना रहा। इस महीने में सर्वाधिक 2,980 भारतीय पर्यटक कतर्नियाघाट पहुंचे। राजस्व के लिहाज से नवंबर 2025 सबसे सफल महीना साबित हुआ। इस दौरान 4,78,484 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पूरे सत्र में सर्वाधिक रहा। दूसरी ओर फरवरी 2026 में 701 पर्यटकों का आगमन हुआ और 1,33,494 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। पर्यटन सत्र के आखिरी महीने जून में 1,694  पर्यटक यहां घूमने आए। 

 

कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार का विवरण

माह       पर्यटक     राजस्व 

नवंबर    1047      478484 रुपये

दिसंबर   1944        375469 रुपये

जनवरी   2980      421977 रुपये

फरवरी   701       133494 रुपये

मार्च    1729         295784 रुपये

अप्रैल   887          194144 रुपये

मई    1349            204245 रुपये

जून   1694           296740 रुपये 

 

कुल योग

12331 पर्यटक    2400337 रुपये

योगी सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों पर इसका सकारात्मक असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, बेहतर प्रबंधन और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के चलते कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
पर्यटन सत्र 2025-26 के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि प्रदेश में प्रकृति आधारित पर्यटन को नई पहचान मिल रही है और पर्यटकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। पर्यटन सत्र 2025-26 में 12 हजार से अधिक पर्यटकों ने कतर्नियाघाट का भ्रमण किया।

 

 

24 लाख से अधिक का प्राप्त हुआ राजस्व

कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार की बात करें तो पर्यटन सत्र 2025-26 (नवंबर से जून) के दौरान 12,298 भारतीय तथा 33 विदेशी पर्यटकों ने भ्रमण किया। इस अवधि में विभाग को 24 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पर्यटन गतिविधियों में बढ़ती रुचि का संकेत है।

 

जनवरी में आए सर्वाधिक पर्यटक 

पर्यटकों की दृष्टि से जनवरी सबसे व्यस्त महीना रहा। इस महीने में सर्वाधिक 2,980 भारतीय पर्यटक कतर्नियाघाट पहुंचे। राजस्व के लिहाज से नवंबर 2025 सबसे सफल महीना साबित हुआ। इस दौरान 4,78,484 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पूरे सत्र में सर्वाधिक रहा। दूसरी ओर फरवरी 2026 में 701 पर्यटकों का आगमन हुआ और 1,33,494 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। पर्यटन सत्र के आखिरी महीने जून में 1,694  पर्यटक यहां घूमने आए। 

 

कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार का विवरण

माह       पर्यटक     राजस्व 

नवंबर    1047      478484 रुपये

दिसंबर   1944        375469 रुपये

जनवरी   2980      421977 रुपये

फरवरी   701       133494 रुपये

मार्च    1729         295784 रुपये

अप्रैल   887          194144 रुपये

मई    1349            204245 रुपये

जून   1694           296740 रुपये 

 

कुल योग

12331 पर्यटक    2400337 रुपये

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">‘लगान’ के 25 साल पूरे होने के खास जश्न के लिए मेलबर्न जाएंगे आमिर खान, क्या है कारण? Aamir Khan Lagaan 25 Years: भारत के बाहर भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े उत्सव इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) के 17वें संस्करण का आयोजन इस साल 13 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक किया जाएगा।           इस बार फेस्टिवल की शुरुआत एक खास कर्टेन रेज़र कार्यक्रम से होगी, जो फेस्टिवल शुरू होने से एक महीने पहले आयोजित किया जाएगा। यह विशेष आयोजन ऑस्कर-नामांकित क्लासिक फिल्म ‘लगान’ के 25 साल पूरे होने के जश्न को समर्पित होगा।        यह विशेष कार्यक्रम 9 जुलाई को मेलबर्न में आयोजित होगा, जहां अभिनेता और निर्माता आमिर खान फिल्म लगान की विशेष स्क्रीनिंग में शामिल होंगे। इसी कार्यक्रम के साथ मेलबर्न के प्रतिष्ठित ACMI सिनेमा में इस साल के फेस्टिवल का औपचारिक आगाज़ होगा। भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाने वाली लगान सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म की श्रेणी में ऑस्कर के लिए नामांकित होने वाली भारत की दूसरी फिल्म थी। आज भी यह फिल्म दुनियाभर के दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनाए हुए है।  पिछले कई वर्षों में इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न भारतीय सिनेमा के लिए दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मंचों में से एक बन चुका है। विक्टोरिया सरकार के सहयोग से आयोजित इस फेस्टिवल में अब तक भारतीय फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हो चुकी हैं। इनमें शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन, ए.आर. रहमान, ऐश्वर्या राय बच्चन, रानी मुखर्जी, राम चरण, विजय सेतुपति, विक्की कौशल, विजय वर्मा और कीर्ति सुरेश जैसे कलाकारों के साथ-साथ राजकुमार हिरानी, शूजीत सरकार, अंजलि मेनन, अश्विनी अय्यर तिवारी, जोया अख्तर, रीमा दास, ओनिर और कबीर खान जैसे प्रसिद्ध फिल्म निर्माता भी शामिल रहे हैं।   इस साल के फेस्टिवल को लेकर फेस्टिवल डायरेक्टर मितु भौमिक लांगे ने कहा, “इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न हमेशा उन कहानियों का जश्न मनाता है जिन्होंने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी है। हमारे 17वें संस्करण की शुरुआत ‘लगान’ के 25 साल पूरे होने के जश्न से बेहतर तरीके से नहीं हो सकती थी। यह फिल्म भारतीय सिनेमा की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और आज भी दुनियाभर के फिल्म निर्माताओं और दर्शकों को प्रेरित करती है। हमें खुशी है कि आमिर खान इस खास अवसर पर मेलबर्न आ रहे हैं। हमें विश्वास है कि इस बार भी फेस्टिवल भारतीय सिनेमा के बेहतरीन रंगों को दुनिया के सामने पेश करेगा और इसे यादगार बनाएगा।” इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न का 17वां संस्करण एक बार फिर दुनियाभर के फिल्म निर्माताओं, कलाकारों, इंडस्ट्री से जुड़े पेशेवरों और सिनेमा प्रेमियों को एक मंच पर लेकर आएगा। फेस्टिवल के दौरान फिल्मों की स्क्रीनिंग, प्रीमियर, विशेष चर्चाएं, मास्टरक्लास और कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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