अर्जुन रामपाल ने रणवीर सिंह को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं, ‘धुरंधर’ का वीडियो किया साझा; लिखा- ‘शेर ए बलोच…’ Amar Ujala
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– मुख्यमंत्री योगी के गो संरक्षण अभियान के तहत यूपी के हर जिले में बनेगा मॉडल विलेज
– झांसी के ग्राम पलींदा में 18 बायोगैस स्थापित, पूरा गांव बनेगा प्राकृतिक कृषि ग्राम
– गो संरक्षण से ग्रीन एनर्जी तक : गांवों में तैयार होगी नवीकरणीय गोबर गैस
इस समूचे गांव को प्राकृतिक कृषि ग्राम बनाया जा रहा है। इसी तरह से प्रदेश के हर जिले में एक मॉडल विलेज बनाने की दिशा में बड़ी शुरुआत की गई है। आईआईटी दिल्ली के बायोगैस डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर के प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में छात्रों की टीम यूपी में इस अभियान को आगे बढ़ा रही है। टीम में रत्नेश तिवारी, अक्षय श्रीवास्तव, चिंतन दवे और डॉ. मंगाराम शामिल हैं। ये विशेषज्ञ गांवों में बायोगैस प्लांट लगाने, रखरखाव में सहयोग और तकनीकी सपोर्ट देंगे।
झांसी का पलींदा गांव बनेगा मिसाल
झांसी के ग्राम पलींदा में पहले चरण में 18 बायोगैस प्लांट स्थापित किए गए हैं। योजना है कि यहां हर घर में बायोगैस पहुंच जाए, जिससे पूरा गांव प्राकृतिक कृषि ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। गोबर से बनी बायोगैस के जरिए खाना पकाने का ईंधन सहजता से उपलब्ध होगा।
किसानों को मिलेगी बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बायोगैस संयंत्र होने से गांवों में रासायनिक खादों की जरूरत समाप्त हो जाएगी। किसानों को बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद मिलेगी और बाजार में रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में आईआईटी दिल्ली की टीम पूरे प्रदेश में इस मॉडल को स्केल-अप करने के लिए काम कर रही है। यह न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्वच्छ गांव, स्वस्थ किसान और आत्मनिर्भर यूपी का नया मॉडल पेश करेगा।
गो सेवा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार का यह अभियान गो सेवा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। जल्द ही यूपी के सभी जिलों तक इस योजना को पहुंचाने की तैयारी है। जिससे आने वाले समय में गांव-गांव इस मॉडल को अपनाते नजर आएंगे।
– मुख्यमंत्री योगी के गो संरक्षण अभियान के तहत यूपी के हर जिले में बनेगा मॉडल विलेज
– झांसी के ग्राम पलींदा में 18 बायोगैस स्थापित, पूरा गांव बनेगा प्राकृतिक कृषि ग्राम
– गो संरक्षण से ग्रीन एनर्जी तक : गांवों में तैयार होगी नवीकरणीय गोबर गैस
इस समूचे गांव को प्राकृतिक कृषि ग्राम बनाया जा रहा है। इसी तरह से प्रदेश के हर जिले में एक मॉडल विलेज बनाने की दिशा में बड़ी शुरुआत की गई है। आईआईटी दिल्ली के बायोगैस डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर के प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में छात्रों की टीम यूपी में इस अभियान को आगे बढ़ा रही है। टीम में रत्नेश तिवारी, अक्षय श्रीवास्तव, चिंतन दवे और डॉ. मंगाराम शामिल हैं। ये विशेषज्ञ गांवों में बायोगैस प्लांट लगाने, रखरखाव में सहयोग और तकनीकी सपोर्ट देंगे।
झांसी का पलींदा गांव बनेगा मिसाल
झांसी के ग्राम पलींदा में पहले चरण में 18 बायोगैस प्लांट स्थापित किए गए हैं। योजना है कि यहां हर घर में बायोगैस पहुंच जाए, जिससे पूरा गांव प्राकृतिक कृषि ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। गोबर से बनी बायोगैस के जरिए खाना पकाने का ईंधन सहजता से उपलब्ध होगा।
किसानों को मिलेगी बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बायोगैस संयंत्र होने से गांवों में रासायनिक खादों की जरूरत समाप्त हो जाएगी। किसानों को बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद मिलेगी और बाजार में रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में आईआईटी दिल्ली की टीम पूरे प्रदेश में इस मॉडल को स्केल-अप करने के लिए काम कर रही है। यह न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्वच्छ गांव, स्वस्थ किसान और आत्मनिर्भर यूपी का नया मॉडल पेश करेगा।
गो सेवा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार का यह अभियान गो सेवा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। जल्द ही यूपी के सभी जिलों तक इस योजना को पहुंचाने की तैयारी है। जिससे आने वाले समय में गांव-गांव इस मॉडल को अपनाते नजर आएंगे।
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