ब्रो स्टिंग के लोड टेस्ट के बाद अब सीमेंट के सेगमेंट की क्षमता परखी जाएगी। सोमवार से टेंपरेचर करेक्शन रीडिंग शुरू की गई, जिसमें संरचना में होने वाले स…और पढ़ें
HighLights
- टेंपरेचर करेक्शन रीडिंग का कार्य हुआ शुरू, आज रखा जाएगा सेगमेंट पर भार
- संरचना में होने वाले स्वाभाविक फैलाव या सिकुड़न के असर की जांच होगी
- 24 भरे हुए डंपरों को 24 घंटे खड़ा रखकर भार क्षमता को परखा जाएगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। लवकुश चौराहा पर बनाए जा रहे डलब डेकर फ्लाईओवर के सेगमेंट की भार क्षमता परखी जान रही है। ब्रो स्टिंग के लोड टेस्ट के बाद अब सीमेंट के सेगमेंट की क्षमता परखी जाएगी। सोमवार से टेंपरेचर करेक्शन रीडिंग शुरू की गई, जिसमें संरचना में होने वाले स्वाभाविक फैलाव या सिकुड़न के असर की जांच होगी। वहीं मंगलवार रात से सेगमेंट पर भरे हुए डंपर खड़े किए जाएंगे। 24 भरे हुए डंपरों को 24 घंटे खड़ा रखकर भार क्षमता को परखा जाएगा।
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) द्वारा लवकुश चौराहा पर सबसे बड़ा फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। फ्लाईओवर के सेगमेंट की लाेड टेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। टेस्टिंग का कार्य तीन दिन चलेगा और बारी-बारी से सभी प्रक्रियाएं अपनाई जाएगी। फ्लाईओवर पर एक साथ दो डंपर रखने से भार क्षमता की जांच शुरू हाेगी और धीरे-धीरे 24 डंपरों को खड़ा किया जाएगा।
इस दौरान अधिकारी मशीनों से इसकी क्षमता का बारिकी से अध्ययन करेंगे। गौरतलब है कि फ्लाईओवर का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसके सभी स्पान पर सेगमेंट रखने के साथ ही स्लेब भी डाल दी गई। 24 मीटर चौड़े एक स्पान में 13 सेगमेंट लगाए गए है।173 करोड़ की लागत से 1454 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जा रहा है।
ब्रो स्टिंग की टेस्टिंग पूरी
निर्माणाधीन डबल डेकर फ्लाईओवर के मुख्य चौराहा पर मेट्रों ट्रेक के ऊपर 400-400 टन की ब्रो स्टिंग असेंबल की गई है। इन दाेनों को रखने के साथ ही लोड टेस्टिंग की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। भार क्षमता के परीक्षण में पास होने के बाद अब सेगमेंट का परीक्षण किया जा रहा है।
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