इंदौर में जमीन से रोज लाखों लीटर पानी निकाला जा रहा है, लेकिन उसे मापने के लिए एक भी मीटर नहीं लगा है।
HighLights
- प्राइवेट बोरवेल से पानी खींचकर टैंकरों से बेचा जा रहा है
- शहर और आस-पास के इलाकों में घट रहा जलस्तर
- कमर्शियल बोरवेल से निकलने वाले पानी पर भी कोई निगरानी नहीं
डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर में गर्मी के दिनों में गिरा जलस्तर अब बारिश के बाद थोड़ा बढ़ा है। शहर और आस-पास के इलाकों में हजारों की संख्या में प्राइवेट बोरवेल हैं, जिनसे जमकर जमीन से पानी खींचा जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रशासन के पास इनका कोई रिकॉर्ड ही नहीं है।
इसके साथ ही कमर्शियल उपयोग के लिए लगाए गए बोरवेल में जो पानी जमीन से खींचा जा रहा है उसको मापने के लिए कोई मीटर ही नहीं लगाए गए हैं। जमीन से रोज लाखों लीटर पानी निकालकर इन्हें टैंकरों के जरिए अलग-अलग इलाकों में पहुंचाकर बेचा जा रहा है।
इस तरह से रोज जमीन से निकाले जा रहे लाखों लीटर पानी पर प्रशासन की नजर नहीं पड़ी है और ना ही अब तक कोई बड़ी कार्रवाई की गई है। प्रशासन की ओर से केवल इनसे एक शपथ पत्र लिया जाता है।
नई कॉलोनियों में हर घर में बोरवेल
इंदौर शहर में नई कॉलोनियों में लगभग सभी घरों में बोरवेल है। मकान बनाने से पहले बोरवेल करा लिया जाता है। ऐसे में शहर के आस-पास बन रही कॉलोनियों में सबसे ज्यादा बोरवेल किए जा रहे हैं।
इंदौर में सूख रही जमीन
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ने 2013 में जारी एक रिपोर्ट में साफ चेतावनी दी थी कि इंदौर शहर में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। इंदौर शहर सहित आस-पास के इलाकों देपालपुर, महू, सांवेर में भी इसको लेकर अलर्ट किया गया था। इस चेतावनी के मिलने के बाद भी प्रशासन द्वारा बोरवेल से निकाले जा रहे हजारों लीटर पानी पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
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