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इंदौर में मालवा मिल से पाटनीपुरा होते हुए रसोमा चौराहे तक एलिवेटेड रोड नहीं बनेगा, फिजिबिलिटी सर्वे में योजना पर लगा ब्रेक

इंदौर में मालवा मिल से पाटनीपुरा होते हुए रसोमा चौराहे तक एलिवेटेड रोड नहीं बनेगा, फिजिबिलिटी सर्वे में योजना पर लगा ब्रेक

आईडीए ने बढ़ते ट्रैफिक जाम को देखते हुए मालवा मिल से रसोमा चौराहा तक एलिवेटेड कारिडोर का प्रस्ताव तैयार किया गया था। करीब एक साल पहले इसके लिए कंसल्टे…और पढ़ें

Publish Date: Sun, 12 Jul 2026 09:34:01 AM (IST)Updated Date: Sun, 12 Jul 2026 09:34:01 AM (IST)

मालवा मिल से रसोमा चौराहा तक बनना थी परियोजना। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. मालवा मिल से रसोमा चौराहा तक बनना थी परियोजना, सर्वे में नहीं मिली व्यवहारिकता
  2. रेंगते ट्रैफिक को नहीं मिलेगी एलिवेटेड राहत, फिजिबिलिटी सर्वे में योजना पर लगा ब्रेक
  3. लंबी दूरी का ट्रैफिक कम, गलियों से आने वाले वाहनों का दबाव मिला अधिक

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मालवा मिल से पाटनीपुरा होते हुए रसोमा चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड नहीं बनेगा। इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने इस मार्ग पर एलिवेटेड कारिडोर की व्यवहारिकता जांचने के लिए फिजिबिलिटी सर्वे कराया था।

सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि इस मार्ग पर एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। साथ ही लंबे रूट का यातायात अपेक्षाकृत कम और गलियों व चौराहों तक आने-जाने वाले वाहनों का दबाव अधिक है। यहीं वजह है कि परियोजना को फिलहाल होल्ड कर दिया गया है।

आईडीए ने बढ़ते ट्रैफिक जाम को देखते हुए मालवा मिल से रसोमा चौराहा तक एलिवेटेड कारिडोर का प्रस्ताव तैयार किया गया था। करीब एक साल पहले इसके लिए कंसल्टेंट नियुक्त कर विस्तृत सर्वे कराया गया। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार मालवा मिल से पाटनीपुरा तक करीब 30 मीटर चौड़ी सड़क भी एलिवेटेड निर्माण के लिए पर्याप्त नहीं है।

कई स्थानों पर एलिवेटेड बनने के बाद नीचे सड़क की चौड़ाई काफी कम रह जाती, जबकि चौराहों पर वाहनों को ऊपर-नीचे लाने के लिए रैंप (भुजाएं) बनाने लायक जगह भी उपलब्ध नहीं मिली। आइडीए सीइओ परीक्षित झाड़े का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट में एलिवेटेड के लिए व्यवहारिकता नहीं मिली है।सड़क की चौडा़ई और लंबी दूरी का ट्रैफिक कम होने से फिलहाल योजना को होल्ड कर दिया है।

गलियों और अन्य सड़को का दबाव अधिक

सर्वे में यह भी सामने आया कि इस मार्ग से गुजरने वाला लंबी दूरी का यातायात करीब बहुत कम है। अधिकांश वाहन बीच के चौराहों या आसपास की कालोनियों और गलियों की ओर मुड़ जाते हैं। एलाईजी, परदेशीपुरा, एमआर-9, भमौरी और अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वाहन इसी मार्ग पर आकर जुड़ते हैं। ऐसे में एलिवेटेड कारिडोर बनने के बाद भी नीचे का स्थानीय ट्रैफिक प्रभावित रहता और जाम की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होती।

लग जाता है कई स्थानों पर जाम

मालवा मिल, पाटनीपुरा, अनुप टाकीज चौराहा, भमौरी और मैकेनिक नगर चौराहे पर दिन में कई बार यातायात अव्यवस्थित हो जाता है। वाहनों के आपस में उलझने से लंबी कतारें लगती हैं और लोगों को काफी देर तक जाम में फंसना पढ़ता है। ऐसे में भविष्य में इस सड़क के लिए फ्लाईओवर या किसी अन्य वैकल्पिक समाधान पर विचार करना होगा।

केबल कार योजना भी ठंडे बस्ते में

आईडीए द्वारा शहर के सात रूटों पर केवल कार का सर्वे कराया गया था। इसमें रेलवे स्टेशन से मालवा मिल, पाटनीपुरा होते हुए विजय नगर तक एक रूट प्रस्तावित था। भारी लागत और व्यवहारिक चुनौतियों के कारण योजना पर अमल नहीं हो सका। सर्वे पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद यह परियोजना भी ठंडे बस्ते में चली गई है।

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