शगुफ्ता ने बताया कि वो एक से एक पैसे के लिए मोहताज हो गई थीं फिर उन्होंने बिना किसी के मदद के अपनी सारी जिम्मेदारियां निभाईं। इसके साथ ही शगुफ्ता ने इस बात से पर्दा उठाया कि आखिर उन्होंने क्या अभी तक ब्रेस्ट कैंसर की बात छुपा कर रखी थी।
सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शगुफ्ता अली ने बताया कि जब उन्हें स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर का पता चला, तो उन्होंने इसे सभी से छुपा कर क्यों रखा? जब शगुफ्ता से पूछा गया कि उन्होंने अपनी इस बीमारी के बारे में किसी को क्यों नहीं बताया, तो उन्होंने कहा, ‘उस जमाने में इस चीज को लेकर यही कहा जाता था कि नहीं, नहीं, बिल्कुल नहीं बताना। एकदम चुप रहो, बात मत करो। वरना काम मिलना बंद हो जाएगा। डरा दिया गया कि काम नहीं मिलेगा। इंडस्ट्री के लोग ऐसा बर्ताव करने लगते हैं, इसलिए मैंने किसी से कुछ नहीं बताया।’
इसके बाद आए मुश्किल दिनों के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि गुजर-बसर करने के लिए उन्हें अपने गहने और कार तक बेचनी पड़ी, हालांकि उन्होंने अपना घर नहीं बिकने दिया। आज भी वह अपने काम और अस्पताल आने-जाने के लिए ऑटो-रिक्शा से सफर करने में बिल्कुल नहीं हिचकिचातीं।
अपनी सेविंग्स पर शगुफ्ता ने कहा, ‘2017 के बाद जब मेरी दिक्कतें बढ़ीं, तो लोग मुझसे पूछने लगे- क्या तुम्हारे पास कोई सेविंग्स नहीं थीं? अरे, बिल्कुल थीं। मेरे पास अच्छी-खासी बचत थी और इतने सालों तक मैंने उसी से अपना घर चलाया। लेकिन मैं कोई अंबानी, टाटा या अडानी तो हूं नहीं कि मेरा पैसा कभी खत्म ही न हो।
उन्होंने आगे कहा, ‘एक टीवी एक्टर के पास भला कितनी सेविंग्स हो सकती हैं? मैं अपने घर में अकेली कमाने वाली थी। उसी बचत से बीमारियां झेलीं, रोज के खर्चे चलाए, राशन खरीदा और परिवार की देखभाल की।’
शगुफ्ता अली ने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात से हुई कि लोग उनकी बचत को लेकर सवाल क्यों उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पैसा नाइट क्लब्स, शराब पीने, अय्याशी या पार्टियों में नहीं उड़ाया। अस्पताल के भारी-भरकम बिलों में उनका सारा पैसा खर्च हो गया और उन्हें इस बात से चिढ़ होती थी कि लोग उनसे उनके पैसों का हिसाब मांगते थे।
">ब्रेंस्ट कैंसर और घर चलाने में खत्म हो गए शगुफ्ता अली के सारे पैसे, काम ना मिलने के डर से छुपाई बीमारी की बात
Shagufta Ali Cancer: बॉलीवुड अभिनेत्री शगुफ्ता अली हर किसी के जेहर में एक जाना पहचाना चेहरा हैं। शगुफ्ता अली ने हाल ही में अपनी लाइफ के सबसे मुश्किल दौर के बारे में बात कर हर किसी को अंदर तक हिला दिया है। शगुफ्ता अली ने बताया है कि कैसे स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग लड़ने के साथ साथ उन्होंने बीमार पिता का भी साथ साथ इलाज कराया जिसमें उनकी सारी की सारी सेविंग्स खत्म हो गई थी, लेकिन इतने पर भी उन्होंने हार नहीं मानी।
शगुफ्ता ने बताया कि वो एक से एक पैसे के लिए मोहताज हो गई थीं फिर उन्होंने बिना किसी के मदद के अपनी सारी जिम्मेदारियां निभाईं। इसके साथ ही शगुफ्ता ने इस बात से पर्दा उठाया कि आखिर उन्होंने क्या अभी तक ब्रेस्ट कैंसर की बात छुपा कर रखी थी।
सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शगुफ्ता अली ने बताया कि जब उन्हें स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर का पता चला, तो उन्होंने इसे सभी से छुपा कर क्यों रखा? जब शगुफ्ता से पूछा गया कि उन्होंने अपनी इस बीमारी के बारे में किसी को क्यों नहीं बताया, तो उन्होंने कहा, ‘उस जमाने में इस चीज को लेकर यही कहा जाता था कि नहीं, नहीं, बिल्कुल नहीं बताना। एकदम चुप रहो, बात मत करो। वरना काम मिलना बंद हो जाएगा। डरा दिया गया कि काम नहीं मिलेगा। इंडस्ट्री के लोग ऐसा बर्ताव करने लगते हैं, इसलिए मैंने किसी से कुछ नहीं बताया।’
इसके बाद आए मुश्किल दिनों के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि गुजर-बसर करने के लिए उन्हें अपने गहने और कार तक बेचनी पड़ी, हालांकि उन्होंने अपना घर नहीं बिकने दिया। आज भी वह अपने काम और अस्पताल आने-जाने के लिए ऑटो-रिक्शा से सफर करने में बिल्कुल नहीं हिचकिचातीं।
अपनी सेविंग्स पर शगुफ्ता ने कहा, ‘2017 के बाद जब मेरी दिक्कतें बढ़ीं, तो लोग मुझसे पूछने लगे- क्या तुम्हारे पास कोई सेविंग्स नहीं थीं? अरे, बिल्कुल थीं। मेरे पास अच्छी-खासी बचत थी और इतने सालों तक मैंने उसी से अपना घर चलाया। लेकिन मैं कोई अंबानी, टाटा या अडानी तो हूं नहीं कि मेरा पैसा कभी खत्म ही न हो।
उन्होंने आगे कहा, ‘एक टीवी एक्टर के पास भला कितनी सेविंग्स हो सकती हैं? मैं अपने घर में अकेली कमाने वाली थी। उसी बचत से बीमारियां झेलीं, रोज के खर्चे चलाए, राशन खरीदा और परिवार की देखभाल की।’
शगुफ्ता अली ने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात से हुई कि लोग उनकी बचत को लेकर सवाल क्यों उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पैसा नाइट क्लब्स, शराब पीने, अय्याशी या पार्टियों में नहीं उड़ाया। अस्पताल के भारी-भरकम बिलों में उनका सारा पैसा खर्च हो गया और उन्हें इस बात से चिढ़ होती थी कि लोग उनसे उनके पैसों का हिसाब मांगते थे।
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